Table of Contents
“बेंगलुरु में बीयर की बिक्री में जनवरी 2026 में 10.6% की बढ़ोतरी हुई है। भीषण गर्मी, आईपीएल मैचों का उत्साह और जेन-जी युवाओं की बदलती पसंद ने शराब उद्योग को मंदी से उबारा है। जानें पूरी रिपोर्ट।”
बेंगलुरु के बीयर कारोबार में लौटी रौनक: भीषण गर्मी, आईपीएल का रोमांच और जेन-जी (Gen Z) की पसंद ने बढ़ाई सेल
कर्नाटक की राजधानी और भारत की ‘पब सिटी’ कहे जाने वाले बेंगलुरु के बीयर उद्योग के लिए पिछला साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा था, लेकिन साल 2026 की शुरुआत के साथ ही इस क्षेत्र में एक नई जान आ गई है। लंबे समय तक मंदी का सामना करने के बाद, अब बढ़ता तापमान और क्रिकेट के त्योहार (IPL) ने बीयर की बिक्री को एक नया उछाल दिया है। उद्योग जगत के खिलाड़ियों का मानना है कि हालांकि यह उछाल राहत देने वाला है, लेकिन पिछले घाटे की भरपाई के लिए अभी यह पर्याप्त नहीं है।
लंबे इंतजार के बाद बिक्री में रिकॉर्ड उछाल
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में बीयर की बिक्री में इस साल तेज सुधार देखा गया है। गौरतलब है कि अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 के बीच यह सेक्टर काफी सुस्त रहा था। आबकारी विभाग (Excise Department) के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2026 की शुरुआत पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 10.6% की भारी वृद्धि के साथ हुई है। इस महीने के दौरान लगभग 27.9 लाख कार्टन बॉक्स की बिक्री दर्ज की गई, जो बाजार में लौट रही मांग का स्पष्ट संकेत है।
गर्मी और आईपीएल: बिक्री बढ़ाने वाले दो मुख्य कारक
बेंगलुरु में इस बार गर्मी समय से पहले शुरू हो गई है, जिसके कारण ठंडे पेय पदार्थों और विशेष रूप से बीयर की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसके साथ ही, आईपीएल (IPL) की शामों ने पब और ब्रुअरीज में लोगों की भीड़ बढ़ा दी है। मैच देखने के लिए दोस्तों के साथ बाहर जाने वाले लोग अब हार्ड शराब (Hard Liquor) के बजाय बीयर को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। शहर के प्रमुख ब्रुअरीज मालिकों का कहना है कि आईपीएल मैच के दिनों में बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में 30-40% अधिक हो जाती है।
जेन-जी (Gen Z) की बदलती पसंद और क्राफ्ट बीयर का क्रेज
इस उछाल के पीछे एक बड़ा कारण युवा पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी (Gen Z) के पीने के पैटर्न में बदलाव है। आज के युवा ‘स्ट्रॉन्ग बीयर’ या अधिक मात्रा वाली शराब के बजाय ‘लाइटर’ और ‘फ्लेवर्ड’ बीयर पसंद कर रहे हैं। बेंगलुरु की मशहूर क्राफ्ट ब्रुअरीज में अब व्हीट बीयर, एल्स और फल-आधारित (Fruit-based) बीयर की मांग सबसे अधिक है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि जेन-जी अब अनुभव और स्वाद (Experience & Taste) को नशा करने से ऊपर रखते हैं, जिसके कारण बीयर का बाजार अब केवल वॉल्यूम पर नहीं, बल्कि वैरायटी पर केंद्रित हो गया है।
राहत है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार
बिक्री में सुधार के बावजूद, ब्रुअरीज और पब मालिकों का कहना है कि यह राहत “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी है। पिछले साल आबकारी शुल्क (Excise Duty) में हुई वृद्धि और परिचालन लागत में बढ़ोत्तरी ने मुनाफे को काफी कम कर दिया है। इसके अलावा, कर्नाटक के कुछ हिस्सों में पानी की किल्लत ने भी उत्पादन को प्रभावित किया है। उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार लाइसेंसिंग और करों में कुछ और छूट दे, तो यह उछाल एक स्थायी विकास में बदल सकता है।
बेंगलुरु का बीयर बाजार पटरी पर
कुल मिलाकर, बेंगलुरु का बीयर कारोबार अपनी ‘समर हाई’ (Summer High) पा चुका है। जनवरी के मजबूत आंकड़ों और फरवरी-मार्च में जारी रही मांग ने इस सेक्टर को नई उम्मीद दी है। आने वाले महीनों में यदि तापमान इसी तरह बना रहता है और आईपीएल का खुमार चढ़ता है, तो कर्नाटक का आबकारी विभाग राजस्व के पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है। शहर की जीवनशैली में बीयर केवल एक ड्रिंक नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव का जरिया बन चुकी है, और मौजूदा आंकड़े इसी सच्चाई को पुख्ता करते हैं।