AAP नेता आतिशी ने राघव चड्ढा के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी और जनहित के मुद्दों पर चुप रहने को लेकर सवाल उठाए।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा द्वारा हाल ही में जारी बयान के बाद पार्टी में विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। चड्ढा ने कहा था कि उन्हें खामोश किया गया है, लेकिन वे हारे नहीं हैं। इस बयान के बाद पार्टी के कई नेताओं ने चड्ढा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
AAP की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने चड्ढा से सवाल किया कि वे बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछने से क्यों डरते हैं। आतिशी ने कहा, “आज हमारे देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का दुरुपयोग करके चुनाव छीना जा रहा है, लेकिन आप इस पर सवाल उठाने से डर रहे हैं।”
आतिशी ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से भी मना किया। उन्होंने कहा, “दिल्ली और पंजाब में वोटों की गिनती और एलपी गैस सिलेंडर जैसी आम जनता की समस्याओं पर भी चड्ढा चुप रहे। आम आदमी और छोटे परिवार रोज़मर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, लेकिन आप इस मुद्दे पर बोलने से पीछे हट जाते हैं।”
राघव चढ्ढा जी से मेरे कुछ सवाल . pic.twitter.com/NNMyXYXijs
— Atishi (@AtishiAAP) April 3, 2026
साथ ही आतिशी ने चड्ढा पर यह भी सवाल उठाया कि क्या वे डर के कारण पहले लंदन चले गए थे। उन्होंने याद दिलाया कि जब अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था, तब पार्टी के नेता सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे, जबकि चड्ढा अपने इलाज के लिए विदेश में थे।
आतिशी ने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता किसी से डरते नहीं हैं—ना बीजेपी से, ना मोदी से, ना किसी एजेंसी से, और ना ही जेल जाने से। उनका उद्देश्य हमेशा देश के आम आदमी की आवाज़ उठाना और जनता के हित में कार्य करना रहा है।
यह बयान AAP के भीतर चल रहे विवाद और राघव चड्ढा के राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के फैसले के बाद सामने आया है, जिसने पार्टी में बहस और आलोचना को बढ़ा दिया है।