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AAP नेता आतिशी ने विधायक कुलदीप कुमार को सुबह 4:30 बजे हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही।
दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक कुलदीप कुमार को लेकर मंगलवार को बड़ा विवाद सामने आया। AAP नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कोंडली विधायक कुलदीप कुमार को मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे दिल्ली पुलिस ने उनके घर से उठा लिया और पुलिस उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं दे रही थी। आतिशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी की मनमानी से नहीं।
आतिशी बोलीं- कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर फोन नहीं उठा रहे
आतिशी ने अपने बयान में कहा कि कुलदीप कुमार को सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस अपने साथ ले गई, लेकिन इसके बाद उनके बारे में जानकारी नहीं दी जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके फोन का जवाब नहीं मिला। आतिशी ने कहा कि इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगी और दोपहर 2 बजे हेबियस कॉर्पस याचिका दाखिल करने की बात कही।
सफाई कर्मचारी की मौत पर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुलदीप कुमार अपने विधानसभा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान मारे गए एक सफाई कर्मचारी के परिवार के लिए मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। AAP नेताओं के अनुसार, पार्टी की मांग थी कि मृतक सफाई कर्मचारी के परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए। इसी प्रदर्शन के दौरान विधायक को हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया गया।
AAP का कहना है कि किसी निर्वाचित विधायक द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इसी मुद्दे को लेकर कुलदीप कुमार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई।
अरविंद केजरीवाल ने भी उठाया सवाल
कहाँ है विधायक @KuldeepKumarAAP?
मोदी जी की पुलिस आज सुबह 4:30 उन्हें उठा कर ले गई, और बताने को तैयार नहीं है कि वो कहाँ है। कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर फ़ोन नहीं उठा रहे।
2 बजे हम दिल्ली हाई कोर्ट में Habeus Corpus लगा रहे हैं।
मोदी जी, यह देश आपकी गुंडागर्दी से नहीं, संविधान… pic.twitter.com/3eWiuXoZnZ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 18, 2026
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी कुलदीप कुमार की कथित हिरासत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस विधायक को उनके घर से ले गई और घर के CCTV कैमरे तोड़े गए तथा DVR भी अपने साथ ले जाया गया। केजरीवाल ने सवाल किया कि यदि एक निर्वाचित विधायक को इस तरह उसके घर से ले जाया जा सकता है और परिवार को जानकारी नहीं दी जाती, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए कहां जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
कुलदीप कुमार की पत्नी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका का मामला उठाया गया। अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने दावा किया कि करीब 20 सादे कपड़ों में आए लोग विधायक को तड़के लगभग 4:30 बजे अपने साथ ले गए थे। याचिका में विधायक को अदालत के समक्ष पेश करने की मांग की गई। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआत में मामले को तत्काल सुनवाई के लिए लिया।
हालांकि, बाद में दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि कुलदीप कुमार को करीब 5:15 बजे हिरासत में लिया गया था और उन्हें दोपहर करीब 3:48 बजे रिहा कर दिया गया। पुलिस के इस बयान के बाद हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई को आगे बढ़ाने के बजाय याचिका का निपटारा कर दिया।
AAP और दिल्ली पुलिस के बीच बढ़ा टकराव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी और दिल्ली पुलिस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया। AAP नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार को घेरा। वहीं, पुलिस की ओर से अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार विधायक को हिरासत में लिया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया।
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि AAP द्वारा लगाए गए आरोप और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हैं। इसलिए विधायक को हिरासत में लेने की परिस्थितियों, कार्रवाई के कारण और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति को संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक कार्यवाही के आधार पर ही समझा जा सकता है।
संविधान और अधिकारों को लेकर आतिशी का हमला
आतिशी ने इस पूरे मामले को संविधान और नागरिक अधिकारों से जोड़ते हुए केंद्र और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश संविधान के अनुसार चलता है और किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि या नागरिक के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। AAP अब इस मुद्दे को राजनीतिक तौर पर भी उठा रही है और सफाई कर्मचारी की मौत के मामले में मुआवजे की अपनी मांग को दोहरा रही है।
कुलदीप कुमार की हिरासत और बाद में रिहाई को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। फिलहाल AAP के आरोप, दिल्ली पुलिस का अदालत में दिया गया पक्ष और हाईकोर्ट की कार्यवाही इस मामले के प्रमुख पहलू बने हुए हैं।