WISE 2026 के समापन सत्र में राज्यपाल असीम कुमार घोष ने ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए आसान ऋण, कम जमानत और बेहतर बाजार पहुंच की जरूरत पर जोर दिया।
वुमेन्स इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप (WISE 2026) के समापन सत्र में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए वित्तीय संस्थानों से ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को बिना जटिल प्रक्रियाओं के आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने वित्तीय संस्थानों से विशेष रूप से ऋण के लिए आवश्यक जमानत या कोलेटरल की शर्तों को कम करने पर विचार करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि आसान वित्तीय पहुंच ग्रामीण महिलाओं को अपने छोटे और मध्यम व्यवसाय शुरू करने तथा मौजूदा कारोबार का विस्तार करने में मदद कर सकती है।
महिला उद्यमिता को मजबूत करने पर जोर
WISE 2026 के समापन सत्र में असीम कुमार घोष ने महिला नेतृत्व वाले MSMEs को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों को डिजिटल और भौतिक बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाना जरूरी है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ सकते हैं।
उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए कौशल विकास को भी महत्वपूर्ण बताया। राज्यपाल के अनुसार, GI टैगिंग, आधुनिक पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसी क्षमताओं में निवेश करने से ग्रामीण महिलाओं के कारोबार को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिल सकती है।
GI टैगिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर फोकस
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने WISE 2026 (विमेंस इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप) के समापन सत्र में वित्तीय संस्थानों से ग्रामीण महिला उद्यमियों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के आसानी से ऋण देने और कोलेटरल (गारंटी) की ज़रूरतों को कम करने की अपील की।
“महिला-नेतृत्व वाले MSME… pic.twitter.com/t80zdfPQKI
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 26, 2026
राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण भारत की ताकत को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को सही ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल माध्यमों के जरिए बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
GI टैगिंग के माध्यम से विशिष्ट क्षेत्रीय उत्पादों की पहचान और उनकी बाजार क्षमता को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा सकता है। वहीं, डिजिटल मार्केटिंग महिला उद्यमियों को स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर देश के अन्य हिस्सों में ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर दे सकती है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका
असीम कुमार घोष ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने को व्यापक आर्थिक विकास से जोड़ते हुए कहा कि महिला नेतृत्व वाले छोटे कारोबार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय संस्थानों, प्रशिक्षण संस्थानों और बाजार से जुड़े प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है। यदि महिलाओं को आसान ऋण, आवश्यक कौशल और बाजार तक पहुंच उपलब्ध हो, तो वे अपने उत्पादों और सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकती हैं।
तकनीक के साथ ग्रामीण भारत को जोड़ने की पहल
राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण भारत की पारंपरिक क्षमता को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर टिकाऊ और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। इसके लिए महिलाओं के नेतृत्व वाले MSMEs को डिजिटल बाजार, आधुनिक उत्पादन तकनीक और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
WISE 2026 के समापन सत्र में दिए गए उनके संदेश का मुख्य फोकस महिला उद्यमिता, आसान वित्तीय सहायता, कौशल विकास और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर रहा। उन्होंने वित्तीय संस्थानों से अपील की कि ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ऋण प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएं।