Table of Contents
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतियों के गलत चुनाव का खामियाजा आज देश के युवा भुगत रहे हैं। उन्होंने युवाओं के भविष्य और रोजगार के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।” केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज देश का युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
‘युवाओं का भविष्य दांव पर’
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय
मोदी जी को वोट दिया है, ये तो होना ही था। आज आग सभी मोदी भक्तों के घरों में लग रही है। सबके बच्चों के भविष्य उजड़ रहे हैं। समय रहते संभल जाओ।
हिंदुओं से वोट माँगकर ये हिंदुओं के बच्चों को बर्बाद कर रहे हैं। https://t.co/w4mCm46Jk4
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 28, 2026
केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि आज देश का हर परिवार, जो उम्मीद के साथ सरकार का समर्थन कर रहा था, वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा, “आज आग सभी के घरों में लग रही है। जिस तरह से बेरोजगारी बढ़ रही है और शिक्षा व रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, उससे सबके बच्चों का भविष्य उजड़ रहा है।”
धार्मिक राजनीति पर सवाल
केजरीवाल ने सत्ताधारी दल पर धर्म का उपयोग कर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं से वोट मांगकर सत्ता में आने वाली सरकार आज उन्हीं के बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रही है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे समय रहते अपनी स्थिति को समझें और नीतियों पर सवाल उठाएं।
नीतियों की विफलता का आरोप
केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब देश में आर्थिक चुनौतियों और नौकरियों की कमी को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जमीन पर काम करने के बजाय केवल जुमलों का सहारा लिया है। “आपने समर्थन दिया, यह तो होना ही था,” कहते हुए उन्होंने मतदाताओं को चेताया कि यदि सही समय पर सरकार से जवाबदेही नहीं मांगी गई, तो इसका असर आने वाली कई पीढ़ियों पर पड़ेगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
केजरीवाल का यह बयान विपक्षी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां आम आदमी पार्टी इसे जनहित का मुद्दा मान रही है, वहीं इसे आने वाले चुनावों के लिए एक बड़ी लामबंदी की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। केजरीवाल ने बार-बार जोर दिया है कि देश को धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर काम, शिक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित नीतियों की आवश्यकता है।