नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन को मिला अरविंद केजरीवाल का समर्थन। केजरीवाल ने जनता से बच्चों के भविष्य के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) ਦੇ राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया है। जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने और आंदोलनकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। केजरीवाल ने देश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के ये युवा आज हमारे और आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए अब घरों में बैठने का समय नहीं है। देश में बदलाव लाने के लिए सभी को एकजुट होकर सड़कों पर उतरना होगा।
अहंकार छोड़ युवाओं की आवाज सुने सरकार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी
आज सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और ये सारे युवा आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
अब घर बैठने से काम नहीं चलेगा। अब सबको एक होकर सड़कों पर उतरना होगा। तभी इस देश में कुछ बदलेगा।
उठो, चलो जंतर मंतर। pic.twitter.com/9FS91uVVTW
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 18, 2026
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इतना अहंकार किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि 20 दिनों से अनशन पर बैठे देश के इतने बड़े शिक्षाविद को आधी रात को बलपूर्वक उठाने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत का रास्ता अख्तियार करना चाहिए था। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि आज देश की पूरी परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था सड़ चुकी है, जिसे ठीक करने के लिए क्रांतिकारी कदमों की जरूरत है। अगर आज देश के लोग युवाओं के समर्थन में एकजुट नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य पूरी तरह अंधकार में चला जाएगा।
सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजने के बाद अभिजीत दीपके का आमरण अनशन शुरू
जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। इस कार्रवाई के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (आमरण अनशन) शुरू कर दी है। दीपके ने रोते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ और आंदोलनकारी छात्रों के साथ बदसलूकी की, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि सोनम वांगचुक की अनुपस्थिति में भी छात्र 20 जुलाई को संसद मार्च का अपना फैसला वापस नहीं लेंगे।
‘चलो जंतर-मंतर’ का आह्वान: देश के भविष्य को बचाने की जंग
अरविंद केजरीवाल ने युवाओं के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं बच्चों के लिए सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि उनकी सालों की मेहनत और सुनहरे सपनों का आधार होती हैं। लगातार हो रहे पेपर लीक ने छात्रों का आत्मविश्वास पूरी तरह तोड़ दिया है। उन्होंने दिल्ली और देश के आम नागरिकों, अभिभावकों और युवाओं से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने और इस शांतिपूर्ण आंदोलन का हिस्सा बनने का खुला आह्वान किया। केजरीवाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता की इस आवाज को दबाने की कोशिश सरकार पर भारी पड़ेगी और इतिहास गवाह है कि जब-जब युवाओं ने ठाना है, बड़े से बड़े तख्त बदल गए हैं।