परीक्षाओं में पेपर लीक पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा। कहा- युवाओं का भविष्य दांव पर है, अब सड़कों पर उतरकर इसे रोकना होगा। जानें आप (AAP) का पूरा रुख।
देश में परीक्षाओं का पेपर लीक होना अब एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘अरबों-खरबों’ का काला कारोबार बन चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक इस रैकेट में शामिल बड़े-बड़े सफेदपोश लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक देश की शिक्षा व्यवस्था का यह कचरा साफ नहीं होगा।
केजरीवाल का आह्वान: ‘अब सड़कों पर उतरने का समय आ गया है’
पेपर लीक अरबों खरबों का धंधा है। इस धंधे में बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं।
जब तक आप सब लोग सड़कों पे उतर के सरकार को मजबूर नहीं करोगे, ये धंधा बंद नहीं होगा। अगले साल ऐसे ही सारे पेपरों में फिर से गड़बड़ होगी।
अपने बच्चों के भविष्य के लिए, अपने परिवार के भविष्य के लिए, देश के… pic.twitter.com/bYbITKvkUx
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 5, 2026
अरविंद केजरीवाल ने युवाओं और अभिभावकों से सीधा संवाद करते हुए कहा, “पेपर लीक माफिया का यह नेटवर्क बहुत गहरा है, इसमें बड़े-बड़े रसूखदार लोग शामिल हैं। जब तक आप सभी अपने बच्चों के भविष्य के लिए एकजुट होकर सड़कों पर नहीं उतरेंगे और सरकार को झुकने पर मजबूर नहीं करेंगे, तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा। अगले साल फिर यही हाल होगा। अब समय आ गया है कि देश का हर नागरिक कहे—बहुत हो गया, अब और नहीं!”
आम आदमी पार्टी की मांग: जवाबदेही तय हो
आम आदमी पार्टी का मानना है कि परीक्षाओं में हो रही धांधली कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता है। अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि:
- सख्त कानून: पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बने।
- पारदर्शिता: परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं में बड़े सुधार की आवश्यकता है।
- उच्च स्तरीय जांच: इस रैकेट के सरगनाओं को बेनकाब करने के लिए एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह से देश भर में परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, वह युवाओं की मेहनत का मजाक उड़ाना है। बच्चों के भविष्य, परिवार की उम्मीदों और देश की प्रगति के लिए ‘एजुकेशन सिस्टम’ का सही होना अनिवार्य है। आप का कहना है कि सरकार को युवाओं की आवाज अनसुनी करने की बजाय, उन्हें सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा माहौल देना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल का यह बयान आने वाले दिनों में विपक्ष के लिए एक बड़ी लामबंदी का संकेत है। आम आदमी पार्टी अब इस मुद्दे को लेकर आक्रामक तेवर अपनाने की तैयारी में है। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा है कि यह लड़ाई केवल नौकरियों की नहीं, बल्कि देश के भविष्य की है।