जनता के नुकसान की भरपाई कौन करेगा? E20 पेट्रोल को लेकर ऑटो कंपनियों और मोदी सरकार पर बरसे अरविंद केजरीवाल

जनता के नुकसान की भरपाई कौन करेगा? E20 पेट्रोल को लेकर ऑटो कंपनियों और मोदी सरकार पर बरसे अरविंद केजरीवाल

 

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल से वाहनों को होने वाले नुकसान पर चिंता जताई। कंपनियों और केंद्र सरकार से लिखित हर्जाने की मांग की।

आम आदमी पार्टी (AAP) ਦੇ राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश भर में अनिवार्य किए जा रहे 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20 Fuel) को लेकर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इस नीति को बिना सोचे-समझे जनता पर थोपा गया एक ‘प्रयोग’ बताते हुए वाहन निर्माताओं (Automobile Companies) और केंद्र सरकार दोनों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा है कि इस ईंधन के कारण आम नागरिकों के वाहनों को होने वाले नुकसान और माइलेज में गिरावट की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

“ऑटो कंपनियों से मांगूंगा लिखित गारंटी, पीएम मोदी से पूछूंगा सवाल”

अरविंद केजरीवाल ने एक आधिकारिक बयान जारी कर घोषणा की है कि वे सरकार के पक्ष में खड़े होकर इस ईंधन का बचाव करने वाली और जनता को गुमराह करने वाली वाहन निर्माता कंपनियों को बहुत जल्द व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखने जा रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल का तीखा बयान: “मैं इन सभी कंपनियों को पत्र लिखकर कहूंगा कि वे लिखित रूप में (In Writing) यह आश्वासन दें कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी भी गाड़ी का माइलेज गिरता है या वाहन के इंजन व अंदरूनी हिस्सों को कोई नुकसान पहुंचता है, तो वे वाहन मालिक को इसका पूरा हर्जाना (Compensation) देंगी। इसके साथ ही, मैं जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर यह पूछूंगा कि आम जनता की गाड़ियों के नुकसान की भरपाई आखिर कौन करेगा— वाहन निर्माता कंपनी या खुद मोदी सरकार?”

“पंपों पर वैकल्पिक ईंधन चुनने का मिले अधिकार”

आप संयोजक ने आरोप लगाया कि हाल ही में सरकार ने प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनसे जबरन प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाई, ताकि वे जनता के बीच बन रहे अविश्वास और गुस्से को शांत कर सकें। केजरीवाल ने कहा कि कंपनियों के मैनुअल कुछ और कहते हैं, जबकि दबाव में उनके बयान कुछ और आ रहे हैं। इस दोहरे रवैये से देश का वाहन मालिक असमंजस और भारी आर्थिक जोखिम में है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे जनता की इस जायज मांग को स्वीकार करें। उन्होंने मांग की कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को जबरन E20 ईंधन खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए। इसके बजाय, पंपों पर E20, E10 और बिना इथेनॉल वाले सामान्य पेट्रोल (E0) के अलग-अलग नोजल और अलग-अलग कीमतें तय करके सभी विकल्प उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि जनता अपनी गाड़ी के इंजन के हिसाब से खुद चुनाव कर सके।

 

 

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