“जिंदा आदमी को मार दिया”: RML अस्पताल की लापरवाही पर भड़के केजरीवाल; भाजपा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

"जिंदा आदमी को मार दिया": RML अस्पताल की लापरवाही पर भड़के केजरीवाल; भाजपा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

RML अस्पताल में जिंदा मरीज को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने पर अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार को घेरा। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने स्वास्थ्य व्यवस्था का सत्यानाश कर दिया है।

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य दावों की पोल खोल दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। अस्पताल पहुंचे एक जीवित व्यक्ति को इलाज के बजाय ‘मृत्यु प्रमाण पत्र’ (Death Certificate) थमाए जाने की खबर ने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

इलाज के बदले मिला मृत्यु प्रमाण पत्र

मिली जानकारी के अनुसार, एक शख्स अपना इलाज कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित RML अस्पताल पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि वहां उसे ढंग का इलाज मिलना तो दूर, अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे जीवित होने के बावजूद मृत घोषित कर कागजी खानापूर्ति करते हुए डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया। अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को “व्यवस्था का पतन” करार देते हुए कहा कि भाजपा ने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था का सत्यानाश कर दिया है।

“भाजपा की प्राथमिकता में जनता नहीं” – केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह केवल एक अस्पताल की लापरवाही नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा का परिणाम है। उन्होंने कहा, “जिंदा आदमी को कागजों पर मार दिया गया। भाजपा सरकार के अस्पतालों की हालत बदतर हो चुकी है। दिल्ली सरकार ने मोहल्ला क्लीनिकों और अस्पतालों को वर्ल्ड क्लास बनाया, लेकिन भाजपा के नियंत्रण वाले अस्पतालों में आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है।”

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल

AAP संयोजक ने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने रेखांकित किया कि जब राजधानी के इतने बड़े अस्पताल का यह हाल है, तो देश के अन्य हिस्सों में भाजपा के शासन में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्या होगी। केजरीवाल के अनुसार, भाजपा केवल नफरत और विभाजन की राजनीति करना जानती है, लेकिन जब बात जनता को बुनियादी सुविधाएं जैसे स्वास्थ्य और शिक्षा देने की आती है, तो वे पूरी तरह विफल साबित होते हैं।

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