Table of Contents
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अपने ही देश में तिरंगा लहराना अपराध कैसे हो सकता है। जानें राष्ट्रीय ध्वज और नागरिकों के अधिकारों पर AAP संयोजक का बयान।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तिरंगा लहराने के अधिकार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि आखिर अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध कैसे हो सकता है? केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा और कहा कि देशभक्त भारतीयों को तिरंगा लहराने से नहीं रोका जाना चाहिए।
पीएम मोदी से मांगा जवाब
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि देश में तिरंगा लहराने को लेकर सवाल उठना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल किया कि जब तिरंगा भारत की पहचान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, तो इसे लहराने के अधिकार पर विवाद क्यों होना चाहिए? केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
‘क्या बीजेपी देश से ऊपर है?’
PM Modi, you need to answer.
How is waving tricolour a crime in India? Do you believe BJP is above India? No dictatorship can stop patriotic Indians from waving national flag.
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 14, 2026
AAP संयोजक ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या बीजेपी को भारत से ऊपर माना जा रहा है? केजरीवाल के मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान देश के प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोई भी तानाशाही देशभक्त भारतीयों को अपना राष्ट्रीय ध्वज लहराने से नहीं रोक सकती।
तिरंगे के सम्मान और नागरिकों के अधिकारों का मुद्दा
अरविंद केजरीवाल के इस बयान में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और नागरिकों के अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। उनका कहना है कि तिरंगा देश की एकता, पहचान और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े किसी भी विवाद पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर
केजरीवाल के बयान में तिरंगा लहराने के अधिकार को लेकर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन संबंधित घटना, स्थान और किसी कानूनी कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट होने के बाद ही विवाद के कारणों और उससे जुड़े तथ्यों का आकलन किया जा सकता है।