AAP ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सिखों की आस्था और गुरुद्वारों की गरिमा चुनावी हथियार नहीं हैं। पार्टी ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सिख समुदाय की आस्था और गुरुद्वारों की गरिमा को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि सिखों की धार्मिक आस्था कोई चुनावी हथियार नहीं है, जिसका इस्तेमाल पंजाब में वोट हासिल करने के लिए किया जाए और फिर दिल्ली में उसी आस्था का अपमान किया जाए।
प्रधानमंत्री मोदी जी,
सिखों की आस्था और गुरुद्वारों की गरिमा कोई चुनावी हथियार नहीं है, जिसे पंजाब में वोट बटोरने के लिए इस्तेमाल करें और दिल्ली में उसी आस्था का अपमान करें! https://t.co/TQkkNPGRzv
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 13, 2026
AAP ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करते हुए कहा कि सिखों की आस्था और गुरुद्वारों की मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए। पार्टी के अनुसार, धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना और बाद में उसी समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।
पार्टी ने जोर देकर कहा कि सिख धर्म की आस्था और गुरुद्वारों की गरिमा का सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए। धार्मिक स्थलों की मर्यादा को राजनीति से ऊपर रखते हुए सभी को सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
सिख समुदाय की आस्था के सम्मान की मांग
AAP ने अपने संदेश के जरिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की। पार्टी का कहना है कि सिखों की आस्था को चुनावी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। गुरुद्वारे सिख समुदाय के लिए श्रद्धा और सेवा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं, इसलिए उनकी गरिमा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि पंजाब में सिखों की आस्था का राजनीतिक लाभ उठाने और दिल्ली में उसी आस्था का अपमान करने के आरोपों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।