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अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक और 17 साल के छात्र की आत्महत्या पर दुख जताया। उन्होंने युवाओं से आंदोलन करने और हिम्मत न हारने की अपील की है।
पेपर लीक और छात्र आत्महत्या पर भड़के अरविंद केजरीवाल; बोले- ‘युवाओं को अब आंदोलन करना होगा’
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं और बार-बार हो रहे पेपर लीक के मुद्दों पर केंद्र सरकार और व्यवस्था को आड़े हाथों लिया है। केजरीवाल ने एक 17 वर्षीय छात्र की आत्महत्या पर गहरा दुख जताते हुए युवाओं से हिम्मत न हारने की अपील की और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ निर्णायक जंग का आह्वान किया।
शोक संतप्त परिवार से मिले केजरीवाल: ‘युवा देश की उम्मीद हैं’
अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में उस 17 वर्षीय छात्र के परिवार से मुलाकात की, जिसने मानसिक तनाव के कारण आत्मघाती कदम उठा लिया था। परिवार से मिलने के बाद भावुक केजरीवाल ने X पर लिखा:
“आज हम उस 17 साल के बच्चे के परिवार से मिले जिसने तनाव में आकर खुदकुशी कर ली। परिवार बहुत टूट चुका है। मेरी सभी युवाओं से हाथ जोड़कर अपील है—ऐसा कदम उठाने के बारे में सोचें भी नहीं। आप इस देश की उम्मीद और भविष्य हैं।”
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हार मान लेना समाधान नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव न बनाएं।
पेपर लीक पर तीखा हमला: ‘बड़े लोगों को क्यों बचा रही है सरकार?’
देश में हाल के दिनों में हुई परीक्षाओं (जैसे NEET-UG 2026) में धांधली और पेपर लीक की खबरों पर केजरीवाल ने सीधा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद मास्टरमाइंड अब तक कानून की पकड़ से बाहर क्यों हैं?
केजरीवाल ने कहा, “देश में बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में है। जो बड़े और रसूखदार लोग इन घोटालों में शामिल हैं, उन्हें आखिर क्यों नहीं पकड़ा जा रहा? क्या उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है?”
आंदोलन का आह्वान: ‘अब चुप रहने का वक्त नहीं’
व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए अरविंद केजरीवाल ने युवाओं से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण विरोध नहीं होगा, तब तक सत्तासीन लोग नहीं जागेंगे। केजरीवाल ने जोर देकर कहा:
- युवा शक्ति का जागरण: अब युवाओं को अपने हक के लिए आंदोलन करना होगा।
- सिस्टम में बदलाव: जब तक युवा आवाज नहीं उठाएंगे, पेपर लीक जैसी बीमारियां देश को खोखला करती रहेंगी।
- जवाबदेही तय हो: भ्रष्ट अधिकारियों और माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजना ही एकमात्र समाधान है।
युवाओं के भविष्य के लिए निर्णायक मोड़
अरविंद केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी युवाओं के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और शिक्षा व्यवस्था को माफिया मुक्त करने के लिए किसी भी हद तक जाएगी।