‘सत्ता का घमंड चूर-चूर कर देगा युवाओं का आक्रोश’: सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर से बरसे अरविंद केजरीवाल

'सत्ता का घमंड चूर-चूर कर देगा युवाओं का आक्रोश': सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर से बरसे अरविंद केजरीवाल

सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देने जंतर-मंतर पहुंचे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार को बड़ी चेतावनी दी है।

 

देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा सुधार और लद्दाख के अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर डटे प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के आंदोलन को राजनीतिक गलियारों से बड़ा समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज खुद जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक के मंच को अपना पूर्ण समर्थन दिया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सरकार को सचेत करते हुए लिखा कि यह वही जंतर-मंतर है जिसने समय-समय पर सत्ता के बड़े से बड़े अहंकार को मिट्टी में मिलते देखा है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार को देश के करोड़ों युवाओं और सोनम वांगचुक की बात सुननी ही होगी।

‘सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगा’: केजरीवाल का तीखा हमला

जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों और युवाओं की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने सरकार की नीतियों और रवैये को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “यह जंतर-मंतर गवाह रहा है कि जब-जब सत्ता अपने अहंकार के चरम पर पहुंचती है, तब-तब इसी मैदान से उसकी विदाई की पटकथा लिखी जाती है। सोनम वांगचुक जी और उनके साथ खड़े देश के करोड़ों युवाओं की आवाज को अनसुना करना मौजूदा सरकार की सबसे बड़ी भूल साबित होगी।”

केजरीवाल ने हैशटैग #KejriwalWithSonamWangchuk के साथ अपनी बात को पुरजोर तरीके से रखते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को अब देश बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि सरकार ने समय रहते अपने इस रवैये को नहीं बदला और छात्रों व पर्यावरण कार्यकर्ताओं की जायज मांगों को स्वीकार नहीं किया, तो उनका यह सत्ता का घमंड भी बहुत जल्द और बुरी तरह से चूर-चूर हो जाएगा।

युवाओं और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को मिला नया बल

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग के साथ-साथ देश भर के छात्रों के शैक्षणिक अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता लाने के मुद्दों पर अनशन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र और युवा भी शामिल हैं।

अब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता अरविंद केजरीवाल के इस आंदोलन में सीधे कूदने से इस पूरे मुद्दे ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। केजरीवाल ने प्रदर्शनकारी युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी संसद के अंदर और सड़कों पर हर स्तर पर युवाओं और छात्रों के हक के लिए आवाज उठाती रहेगी। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात और केजरीवाल की तीखी बयानबाजी के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

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