दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने गोवा के मांद्रे में आयोजित ‘घुमट आरती प्रतियोगिता’ में शिरकत की। उन्होंने गोवा की समृद्ध लोक परंपरा और घुमट वाद्य की प्रशंसा की।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज गोवा के मांद्रे (Mandre) में आयोजित ‘घुमट आरती प्रतियोगिता’ में विशेष रूप से शिरकत की। गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग मानी जाने वाली इस पारंपरिक प्रतियोगिता में शामिल होकर उन्होंने न केवल स्थानीय परंपराओं के प्रति सम्मान प्रकट किया, बल्कि प्रतिभागियों के कौशल की जमकर सराहना भी की।
“गोवा की संस्कृति में रची-बसी है भक्ति”
आज गोवा के मांद्रे में आयोजित ‘घुमट आरती स्पर्धा’ में शामिल होने का सौभाग्य मिला। ये आयोजन गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की एक खूबसूरत झलक है।
सभी प्रतिभागियों की अद्भुत प्रतिभा और घुमट की मधुर ध्वनि ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। pic.twitter.com/XViQz2UDk7
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 3, 2026
प्रतियोगिता के दौरान अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज मांद्रे में आयोजित ‘घुमट आरती प्रतियोगिता’ में शामिल होना मेरे लिए एक बेहद सुखद अनुभव रहा। घुमट की मधुर ध्वनि और प्रतिभागियों की भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को अध्यात्म से सराबोर कर दिया। गोवा की संस्कृति अद्भुत है, और घुमट आरती इसका सबसे सुंदर प्रतिबिंब है।”
घुमट: गोवा की पहचान
‘घुमट’ गोवा का एक पारंपरिक वाद्य यंत्र है, जो मिट्टी के बर्तन से बना होता है। यह गोवा के लोक संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों, विशेषकर गणेश चतुर्थी के दौरान अनिवार्य हिस्सा माना जाता है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि गोवा की इस अनूठी लोक परंपरा को संजोकर रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही भारत की विविधता और समृद्ध विरासत की असली ताकत है।
नई पीढ़ी को प्रेरणा
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों, विशेषकर युवाओं के प्रदर्शन को देख केजरीवाल काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नई पीढ़ी गोवा की इन कठिन और शास्त्रीय लोक परंपराओं को सीख रही है और उन्हें आगे बढ़ा रही है, वह वास्तव में सराहनीय है। यह प्रतियोगिता केवल एक मुकाबला नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने का एक माध्यम है।
केजरीवाल की इस यात्रा को गोवा के सांस्कृतिक परिदृश्य से जुड़ने के एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ वे लगातार स्थानीय परंपराओं और वहां के निवासियों के साथ संवाद स्थापित करने पर जोर दे रहे हैं।