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आम आदमी पार्टी ने E20 ईंधन नीति को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। AAP का दावा है कि 2.33 लाख लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे अरविंद केजरीवाल 100 लोगों के साथ सौंपेंगे।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। AAP ने दावा किया है कि E20 ईंधन से प्रभावित 2 लाख 33 हजार से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। पार्टी के अनुसार, अरविंद केजरीवाल बुधवार को दोपहर 12 बजे करीब 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर यह याचिका सौंपेंगे।
‘ट्रंप के दबाव में E20 लागू किया जा रहा है’
AAP की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया कि भाजपा सरकार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में देशभर में E20 ईंधन लागू कर रही है। पार्टी ने दावा किया कि इस फैसले से बड़ी संख्या में वाहन मालिक प्रभावित हो रहे हैं और इसे लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है।
हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य या आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। केंद्र सरकार ने भी इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
2.33 लाख हस्ताक्षरों वाली याचिका पीएम को सौंपने की तैयारी
ट्रंप के दवाब में E20 को देश पर थोप रही है भाजपा…
E20 से परेशान 2 लाख 33 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने PM मोदी जी के नाम Petition पर Sign किया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक @ArvindKejriwal जी कल दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ यह Petition लेकर प्रधानमंत्री मोदी जी से मिलने जाएँगे। pic.twitter.com/5AAFhfJtOf
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 3, 2026
AAP के मुताबिक, E20 नीति से परेशान 2,33,000 से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। पार्टी का कहना है कि इन लोगों की मांग है कि सरकार E20 नीति की समीक्षा करे और इससे जुड़े मुद्दों पर जनता की चिंताओं को गंभीरता से सुने।
पार्टी के अनुसार, अरविंद केजरीवाल 100 नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात कर इस याचिका को सौंपेंगे और E20 को लेकर लोगों की चिंताओं से अवगत कराएंगे।
E20 को लेकर राजनीतिक बहस तेज
E20 ईंधन नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रही है, जबकि केंद्र सरकार का कहना रहा है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रधानमंत्री कार्यालय इस मुलाकात पर क्या रुख अपनाता है और E20 नीति को लेकर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।