मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: Eco-Tourism में हरियाणा बनाएगा नया कीर्तिमान, देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बनेगी सफारी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य जल्द ही एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी का गवाह बनने वाला है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अरावली की पहाड़ियों में लगभग 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और हरियाणा को इको-टूरिज्म के हब के रूप में नई पहचान देगा।
पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन का मिलेगा लाभ
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यह परियोजना वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक जैव विविधता और हरित पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य करेगी।
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सफारी में पर्यटकों के लिए ईको-फ्रेंडली सुविधाएं, आधुनिक तकनीक और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियाँ मौजूद होंगी।
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स्थानीय युवाओं को गाइडिंग, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और अन्य सेवाओं में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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यह परियोजना क्षेत्र की जलवायु और पारिस्थितिक तंत्र को भी मजबूती प्रदान करेगी।
देश-विदेश से पर्यटक होंगे आकर्षित
राज्य सरकार की मंशा है कि यह जंगल सफारी न केवल देश, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने।
इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री सैनी ने स्वयं गुजरात के वनतारा जामनगर जाकर परियोजना की बारीकियों का अध्ययन किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की निगरानी में ईको-फ्रेंडली सफारी का निर्माण
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मुख्यमंत्री सैनी इस परियोजना की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।
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उन्होंने पर्यावरण और वन विभाग को निर्देश दिया है कि सफारी को 100% ईको-फ्रेंडली और सतत विकास के अनुरूप बनाया जाए।
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परियोजना का क्रियान्वयन वन एवं पर्यावरण विभाग और पर्यटन विभाग मिलकर करेंगे।
आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत
यह सफारी सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि पर्यावरणीय शिक्षा, सस्टेनेबल टूरिज्म और हरित विकास का प्रेरणादायक मॉडल होगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से यह पहल हरियाणा को पर्यावरणीय रूप से समृद्ध और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
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