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अभिनेता अंकुर रतन कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय नेपाल के रसुवा से गुजरे थे। फ्लैश फ्लड से एक दिन पहले ही उनका समूह उस इलाके को पार कर चुका था।
अभिनेता अंकुर रतन कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए एक तीर्थयात्री समूह का हिस्सा थे और नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। मुंबई में रहने वाले अंकुर रतन कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद लौट रहे श्रद्धालुओं के समूह के साथ नेपाल से गुजर रहे थे। उनका समूह उस इलाके से एक दिन पहले ही गुजर चुका था, जहां बाद में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। इस घटना ने अभिनेता और उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। अंकुर ने बताया कि वह, उनकी पत्नी और एक रिश्तेदार घटना से सिर्फ एक दिन पहले उसी जगह तस्वीरें खिंचवा रहे थे। अगले ही दिन वहां अचानक आई बाढ़ ने हालात पूरी तरह बदल दिए। अभिनेता ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा उनके परिवार के लिए सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इससे उनकी ट्रैकिंग में रुचि और परिवार की पुरानी आध्यात्मिक परंपरा भी जुड़ी हुई है।
फ्लैश फ्लड से एक दिन पहले रसुवा से गुजरा था समूह
अंकुर रतन जिस समूह के साथ यात्रा कर रहे थे, वह कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय नेपाल के रसुवा जिले से होकर गुजरा था। समूह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को घटना से महज एक दिन पहले पार किया था। उस समय वहां स्थिति सामान्य थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले दिन इसी इलाके में इतनी भयावह प्राकृतिक आपदा आ सकती है। अंकुर ने बताया कि वह अपनी पत्नी और एक कजिन के साथ उसी स्थान पर तस्वीरें ले रहे थे। उनके लिए यह यात्रा का एक खास पल था, लेकिन अगले दिन सामने आई खबर ने उस याद को एक अलग ही रूप दे दिया। एक दिन के अंतराल में किसी स्थान का पूरी तरह बदल जाना इस घटना की भयावहता को दर्शाता है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित था परिवार
अंकुर रतन ने बताया कि वह और उनका परिवार कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उनके परिवार के लिए आध्यात्मिक महत्व है। साथ ही, वह और उनके परिवार के कुछ सदस्य ट्रैकिंग के शौकीन हैं, इसलिए यात्रा के दौरान पैदल चलने वाले हिस्से को लेकर भी उनमें खास उत्साह था। उन्होंने बताया कि उनकी सास डॉ. अमिता सुचक ने वर्ष 1989 में कैलाश मानसरोवर परिक्रमा पूरी की थी। इस वजह से उनके परिवार के लिए इस यात्रा का भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव और भी गहरा है।
परिवार की पुरानी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ा रिश्ता
अभिनेता ने बताया कि उनकी सास डॉ. अमिता सुचक ने करीब तीन दशक पहले कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा की थी। अब परिवार की अगली पीढ़ी भी इस यात्रा से जुड़ी। अंकुर के लिए यह यात्रा एक तरह से परिवार की पुरानी आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने जैसा अनुभव थी। हालांकि, नेपाल में हुई प्राकृतिक आपदा ने यात्रा की खुशी के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया। एक दिन पहले जिस रास्ते से उनका समूह सुरक्षित निकला था, वहीं अगले दिन फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी।
ट्रैकिंग का शौक भी बना यात्रा की वजह
कैलाश मानसरोवर यात्रा के धार्मिक महत्व के अलावा अंकुर रतन और उनके परिवार को पहाड़ों में ट्रैकिंग करना भी पसंद है। अभिनेता ने बताया कि परिवार इस यात्रा के पैदल हिस्से को पूरा करने के लिए उत्साहित था। कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा में कठिन पहाड़ी रास्तों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों से गुजरना पड़ता है, इसलिए यह यात्रा आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक चुनौती भी होती है। अंकुर और उनके परिवार के लिए यह यात्रा इसी वजह से कई स्तरों पर खास थी। लेकिन नेपाल के रसुवा जिले में आई अचानक बाढ़ ने उन्हें यह एहसास भी कराया कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक परिस्थितियां कितनी तेजी से बदल सकती हैं।
एक दिन का अंतर बना जीवन और मौत का फर्क
अंकुर रतन की कहानी इस प्राकृतिक आपदा के दौरान समय की अहमियत को भी दिखाती है। उनका समूह अगर एक दिन बाद उसी इलाके से गुजर रहा होता, तो परिस्थितियां पूरी तरह अलग हो सकती थीं। अभिनेता ने बताया कि वह और उनका परिवार घटना से सिर्फ एक दिन पहले वहां मौजूद थे। इसके बाद उसी क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने तबाही मचा दी। इस वजह से अभिनेता और उनके साथ यात्रा कर रहे लोगों के लिए यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं रही। यात्रा के दौरान खींची गई तस्वीरें अब उनके लिए उस जगह की आखिरी सुरक्षित यादों में शामिल हो गई हैं।
नेपाल की प्राकृतिक आपदा ने बढ़ाई चिंता
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाएं यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। रसुवा जैसे पहाड़ी जिले में तेज पानी का बहाव बहुत कम समय में रास्तों और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नेपाल के रास्तों से होकर आते-जाते हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती हैं। अंकुर रतन का अनुभव उन यात्रियों के लिए भी एक चेतावनी की तरह है, जो पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में यात्रा करते हैं।
अंकुर के लिए यादगार बन गई यात्रा
कैलाश मानसरोवर यात्रा अंकुर रतन और उनके परिवार के लिए आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ एक रोमांचक ट्रैकिंग यात्रा भी थी। लेकिन नेपाल की फ्लैश फ्लड ने इस यात्रा को जीवनभर याद रहने वाली घटना बना दिया। अभिनेता और उनका परिवार उस स्थान से सुरक्षित निकल चुका था, लेकिन महज एक दिन बाद वहां हुई तबाही ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उनकी कहानी बताती है कि प्राकृतिक आपदा कभी भी और कहीं भी अचानक आ सकती है और कई बार कुछ घंटों या एक दिन का अंतर किसी की जिंदगी बचा सकता है। अंकुर रतन के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा की याद अब सिर्फ धार्मिक और पारिवारिक अनुभव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह उस संयोग की कहानी भी बन गई है, जिसमें उनका समूह विनाशकारी बाढ़ से ठीक पहले उस क्षेत्र को पार कर चुका था।