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दिल्ली के आनंद विहार में सरेआम लूट। जॉइंट कमिश्नर ऑफिस के पास व्यापारी से 7 तोला सोना छीना। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा और गृह मंत्रालय पर बोला हमला।
जॉइंट कमिश्नर दफ्तर के बाहर सरेआम लूट: दिल्ली में ‘गुंडाराज’, भाजपा की कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे पुलिस के आला अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर भी वारदात करने से नहीं कतरा रहे हैं। ताज़ा मामला शाहदरा जिले के आनंद विहार इलाके का है, जहाँ जॉइंट कमिश्नर ऑफिस के ठीक बाहर एक बाइक सवार बदमाश ने सरेआम एक कारोबारी से सात तोला सोना लूट लिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सड़कों पर अपराधियों का राज कायम हो गया है।
पुलिस दफ्तर की नाक के नीचे 7 तोला सोने की डकैती
दिल्ली में सरेआम हो रही लूट.. सड़कों पर अपराधियों का राज.. भाजपा की कानून व्यवस्था बर्बाद।
आनंद विहार में ज्वाइंट कमिश्नर के दफ्तर के पास सरेआम गुंडों ने एक व्यापारी के गले से सोने की चेन छीन ली।
आखिर कब तक ऐसे सड़कों पर लुटती रहेगी दिल्ली की जनता? https://t.co/XwPbtgKmmG
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) May 8, 2026
वारदात उस वक्त हुई जब एक व्यापारी आनंद विहार स्थित जॉइंट कमिश्नर कार्यालय के पास से गुजर रहे थे। तभी अचानक एक अज्ञात बाइक सवार बदमाश ने उनके गले पर झपट्टा मारा और देखते ही देखते दो सोने की चेन और एक पेंडेंट छीनकर फरार हो गया। छीने गए जेवरात का कुल वजन करीब सात तोला (70 ग्राम) बताया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जहाँ पुलिस के बड़े अधिकारियों का जमावड़ा रहता है, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए, वहाँ बदमाश ने इतनी निडरता से लूट को अंजाम दिया। व्यापारी समुदाय में इस घटना के बाद से भारी आक्रोश और डर का माहौल है। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जो दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
“भाजपा की कानून व्यवस्था बर्बाद”: दिल्ली की जनता असुरक्षित
इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। चूँकि दिल्ली पुलिस सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, इसलिए ‘आप’ ने इसे भाजपा की प्रशासनिक विफलता करार दिया है।
पार्टी का कहना है कि:
- दिल्ली की सड़कों पर अब जनता सुरक्षित नहीं है।
- अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।
- भाजपा के शासन में दिल्ली ‘लूट की राजधानी’ बन गई है।
आखिर कब तक लुटती रहेगी दिल्ली की जनता?
‘आप’ नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब पुलिस के जॉइंट कमिश्नर के दफ्तर के पास सुरक्षित माहौल नहीं है, तो दिल्ली की तंग गलियों और मोहल्लों में रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है? भाजपा शासित केंद्र सरकार आखिर कब जागने वाली है? सड़कों पर सरेआम हो रही लूट और स्नैचिंग की वारदातों ने साबित कर दिया है कि पुलिस का इंटेलिजेंस और गश्त तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है।
व्यापारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे
दिल्ली के व्यापारी संगठन लगातार अपनी सुरक्षा को लेकर मांग करते रहे हैं, लेकिन आनंद विहार जैसी घटना ने उनके डर को हकीकत में बदल दिया है। व्यापारियों का कहना है कि वे दिन-भर की कमाई लेकर सड़कों पर निकलने से डरने लगे हैं। जॉइंट कमिश्नर ऑफिस के पास हुई इस लूट ने दिल्ली पुलिस के गश्ती दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं।
जिम्मेदारी से बच रही केंद्र सरकार
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस को केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के बजाय जनता की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। अगर पुलिस कमिश्नर के कार्यालयों के आसपास भी अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर गृह मंत्रालय की विफलता है। दिल्ली की जनता अब भाजपा से जवाब मांग रही है कि आखिर कब तक वे अपने ही शहर में असुरक्षित महसूस करेंगे?