गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के कुलटी में चुनावी रैली के दौरान हर साल 1 लाख नौकरियों का वादा किया और राज्य को ‘घुसपैठिया मुक्त’ बनाने का संकल्प लिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बंगाल चुनाव को “राज्य को घुसपैठियों से मुक्त करने का एक सुनहरा अवसर” करार दिया और वादा किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में सत्ता में आती है, तो युवाओं को योग्यता के आधार पर हर साल एक लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। पश्चिम बर्धमान के औद्योगिक केंद्र आसनसोल और बराकर के बाहरी इलाके कुलटी में अपनी दूसरी चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने क्षेत्र के औद्योगिक पुनरुत्थान पर जोर दिया।
लौह नगरी (Kulti) का खोया गौरव लौटाने का वादा
अमित शाह ने कुलटी के ऐतिहासिक औद्योगिक महत्व को याद करते हुए कहा कि भाजपा इस क्षेत्र को देश के प्रमुख लौह अयस्क उत्पादन केंद्र के रूप में फिर से स्थापित करेगी। उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कुलटी कभी देश के लौह अयस्क उत्पादन का मुख्य केंद्र हुआ करता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे घुटनों पर ला दिया है। शाह ने संकल्प लिया कि वे इस ‘आयरन सिटी’ को उसका पुराना गौरव वापस दिलाएंगे और इसके औद्योगिक विकास के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।
अवैध खनन और प्रदूषण पर कड़ा प्रहार
गृह मंत्री ने क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार और पर्यावरण के मुद्दों पर ममता सरकार को घेरा। उन्होंने भाजपा की जीत के बाद क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के खेल को पूरी तरह बंद करने का वादा किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले स्पंज आयरन उत्पादन पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने की बात कही, ताकि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके। औद्योगिक विकास के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
ममता सरकार पर सीधा हमला
अमित शाह ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की नीतियों के कारण राज्य का औद्योगिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। उन्होंने मतदाताओं से भावुक अपील की कि वे बंगाल के भविष्य, राज्य की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार सुनिश्चित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करें। शाह ने जोर देकर कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि बंगाल के पुनर्निर्माण का मार्ग है।