“AMFI के ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में म्यूचुअल फंड इक्विटी निवेश 55% बढ़कर ₹40,366 करोड़ हो गया। SIP निवेश ने भी नया रिकॉर्ड बनाया, हालांकि बाजार में सुधार के कारण कुल AUM घटकर ₹73.73 लाख करोड़ रह गया।”
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा 10 अप्रैल को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश में भारी उछाल आया है। हालांकि, बाजार में गिरावट के कारण इंडस्ट्री का कुल एसेट बेस (AUM) पिछले महीने की तुलना में कम हुआ है।
इक्विटी निवेश और SIP में बढ़त
मार्च महीने में इक्विटी स्कीमों में 40,366 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश (Inflow) आया, जो फरवरी के 25,965 करोड़ रुपये के मुकाबले 55% अधिक है। यह निवेशकों के अटूट भरोसे को दर्शाता है। इसी तरह, SIP के जरिए होने वाला निवेश भी फरवरी के 29,845 करोड़ रुपये से बढ़कर 32,087 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
AUM में 10% की गिरावट
मजबूत निवेश के बावजूद, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) फरवरी के 82.03 लाख करोड़ रुपये से घटकर मार्च में 73.73 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसमें 10% से ज्यादा की गिरावट आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट निवेशकों के बाहर निकलने (Exits) के कारण नहीं, बल्कि शेयर बाजार में आई गिरावट (Mark-to-market losses) की वजह से हुई है।
सेक्टर-वार निवेश का हाल
- लार्ज-कैप फंड: मार्च में 2,997.8 करोड़ रुपये का निवेश आया (फरवरी में 2,111.7 करोड़)।
- मिड-कैप फंड: निवेश बढ़कर 6,063.5 करोड़ रुपये हो गया (फरवरी में 4,003 करोड़)।
- स्मॉल-कैप फंड: यहाँ 6,263.6 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया (फरवरी में 3,881 करोड़)।
हाइब्रिड और गोल्ड ETF का प्रदर्शन
हाइब्रिड फंड्स में इस महीने बड़ा बदलाव दिखा और यहाँ से 16,538.5 करोड़ रुपये बाहर निकले, जबकि पिछले महीने इसमें निवेश आया था। वहीं, गोल्ड ETF में मांग थोड़ी कम रही और निवेश फरवरी के 5,255 करोड़ रुपये से घटकर 2,266 करोड़ रुपये रह गया। कॉर्पोरेट निवेशकों द्वारा साल के अंत में किए जाने वाले वित्तीय बदलावों के कारण लिक्विड फंड्स से भी निकासी देखी गई।