AAP पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज 105 घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी से जवाबदेही तय करने की मांग की।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मंदिरों में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों में दान की रकम से जुड़ी चोरी की घटनाओं के मामले में प्रधानमंत्री और बीजेपी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
अमन अरोड़ा के मुताबिक, संबंधित ट्रस्ट के रिकॉर्ड में चोरी की 105 घटनाएं दर्ज हैं, जबकि उनके दावे के अनुसार कई अन्य घटनाएं रिकॉर्ड में शामिल नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ट्रस्ट में बीजेपी से जुड़े करीबी लोगों को शामिल किया गया था, तो मंदिरों के चढ़ावे की सुरक्षा और कथित चोरी के मामलों की जिम्मेदारी किसकी बनती है।
मंदिरों के चढ़ावे की सुरक्षा पर उठाए सवाल
ਚੰਦਾ ਚੋਰੀ ਮਾਮਲੇ ‘ਚ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਤੋਂ ਭੱਜ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ!
1 ਨਹੀਂ 2 ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ 105 ਚੋਰੀਆਂ ਰਿਕਾਰਡ ‘ਚ ਦਰਜ ਹਨ ਜਿਹਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਰਿਕਾਰਡ ‘ਚ ਹੋਣੀਆਂ ਵੀ ਨਹੀਂ। ਇਸ ਟਰੱਸਟ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਮੋਦੀ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਆਪਣੇ ਖ਼ਾਸ ਤੇ ਨੇੜਲਿਆਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਮੰਦਰ ਦਾ ਚੰਦਾ ਚੋਰੀ ਹੋਣ ਦੇ ਬੱਜਰ ਗੁਨਾਹ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਚੁੱਕਣ ਤੋਂ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਮੋਦੀ ਅਤੇ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਭੱਜ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ।
@AroraAmanSunam
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ‘ਆਪ’ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 19, 2026
अमन अरोड़ा ने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ दान देते हैं। ऐसे में चढ़ावे की रकम की सुरक्षा और उसके पारदर्शी इस्तेमाल की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन और ट्रस्ट की होती है। उन्होंने कथित चोरी की घटनाओं को गंभीर बताते हुए मामले की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
AAP नेता ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के करीबी माने जाने वाले लोगों को शामिल किया गया था। इसी आधार पर उन्होंने बीजेपी नेतृत्व से सवाल किया कि कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के क्या कदम उठाए गए।
बीजेपी नेतृत्व की जवाबदेही पर AAP का सवाल
अमन अरोड़ा ने अपने बयान में कहा कि मंदिरों के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी से इस मामले पर जवाब देने की मांग की। उनके अनुसार, धार्मिक संस्थानों में श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।
जांच और पारदर्शिता की मांग
मंदिरों के दान से जुड़े किसी भी कथित वित्तीय अपराध की जांच तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर की जानी चाहिए। चोरी की घटनाओं की संख्या, ट्रस्ट की भूमिका और किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की जिम्मेदारी जैसे सवालों पर निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र जांच और प्रमाण जरूरी हैं।
अमन अरोड़ा के बयान ने मंदिरों के चढ़ावे की सुरक्षा और ट्रस्ट के कामकाज में जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस को फिर सामने ला दिया है। इस मामले में संबंधित ट्रस्ट और बीजेपी का पक्ष सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।