79वें कान फिल्म फेस्टिवल में आलिया भट्ट के लुक्स वायरल होने के साथ ही उन्हें ट्रोल भी किया जा रहा है। अभिनेता अली गोनी ने आलिया का बचाव करते हुए ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है।
आलिया भट्ट का कान फिल्म फेस्टिवल में जलवा और अली गोनी का समर्थन
79वें कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में भारतीय सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्री आलिया भट्ट की मौजूदगी ने एक ओर जहाँ वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं, वहीं दूसरी ओर इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। आलिया, जो अपनी अभिनय क्षमता और फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं, इस साल रेड कार्पेट पर अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उनकी हर नई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहाँ प्रशंसक उनके परिष्कृत (sophisticated) लुक और आत्मविश्वास की सराहना कर रहे हैं। हालांकि, इस चमक-धमक के बीच एक कड़वा सच यह भी है कि सोशल मीडिया के एक वर्ग ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
ट्रोलिंग और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का मुद्दा
आलिया भट्ट के खिलाफ हो रही ट्रोलिंग का मुख्य केंद्र यह दावा है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने उन्हें रेड कार्पेट पर ‘नजरअंदाज’ किया। कुछ नेटिजन्स ने ऐसे वीडियो साझा किए जिसमें फोटोग्राफर्स अन्य हॉलीवुड सितारों की ओर ध्यान दे रहे थे, और इसे आधार बनाकर आलिया का मजाक उड़ाया गया। यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय अभिनेत्री को इस तरह की आलोचना का सामना करना पड़ा है। अक्सर वैश्विक मंचों पर भारतीय कलाकारों की उपस्थिति को लेकर घरेलू दर्शकों के बीच ही दो फाड़ देखने को मिलते हैं। जहाँ एक पक्ष गर्व महसूस करता है, वहीं दूसरा पक्ष छोटी-छोटी खामियों को ढूंढकर ‘हीन भावना’ या ‘अपमान’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने लगता है।
अली गोनी का करारा जवाब और समर्थन
इस नकारात्मकता के बीच, टीवी और फिल्म जगत के जाने-माने अभिनेता अली गोनी (Aly Goni) आलिया भट्ट के बचाव में मजबूती से खड़े हुए हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक और विचारोत्तेजक नोट साझा किया, जिसने ट्रोलर्स की बोलती बंद कर दी। अली ने आलिया का एक रेड कार्पेट वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह देखना वास्तव में दुखद है कि कैसे हमारे अपने ही लोग उस व्यक्ति को नीचे खींचने की कोशिश करते हैं जिसने भारत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की है।
अली ने स्पष्ट रूप से कहा कि आलिया भट्ट ने आज जो मुकाम हासिल किया है, वह कई लोगों के लिए केवल एक सपना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आलिया ने कान में गरिमा और गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अली का यह संदेश न केवल आलिया के प्रति उनका समर्थन दर्शाता है, बल्कि समाज की उस मानसिकता पर भी प्रहार करता है जहाँ सफलता का जश्न मनाने के बजाय टांग खींचने को प्राथमिकता दी जाती है।
वैश्विक मंच पर भारतीय कलाकारों की कड़ी मेहनत
कान जैसे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में पहुंचना किसी भी कलाकार के लिए वर्षों की तपस्या और प्रतिभा का परिणाम होता है। आलिया भट्ट ने न केवल बॉलीवुड में अपनी धाक जमाई है, बल्कि ‘हार्ट ऑफ स्टोन’ जैसी फिल्मों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। जब कोई कलाकार ऐसे बड़े मंच पर खड़ा होता है, तो वह केवल एक व्यक्ति नहीं होता, बल्कि अपने देश और संस्कृति का दूत होता है। अली गोनी ने सही कहा कि आलिया की उपलब्धियों को कमतर आंकना अनुचित है, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा के प्रभाव को बढ़ाने का काम कर रही हैं।
आलोचना बनाम गौरव
अंत में, यह समझना आवश्यक है कि सोशल मीडिया की ट्रोलिंग अक्सर वास्तविक प्रभाव से कोसों दूर होती है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचना एक तकनीकी प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन आलिया की वहां मौजूदगी ही अपने आप में एक बड़ी जीत है। अली गोनी का समर्थन इस बात की याद दिलाता है कि हमें अपने सितारों की सराहना करना सीखना चाहिए। आलिया भट्ट की सफलता केवल उनकी निजी सफलता नहीं है, बल्कि यह बदलते हुए भारतीय सिनेमा की वह तस्वीर है जो अब दुनिया की आंखों में आंखें डालकर बात कर रही है। ट्रोलिंग के शोर के बीच आलिया की मुस्कान और अली गोनी जैसे साथियों का साथ यह सिद्ध करता है कि प्रतिभा को दबाया नहीं जा सकता।