आलिया भट्ट ने 2026 में कान बिखेरा: ऐश्वर्या राय के ‘देवदास’ को अपना सर्वकालिक पसंदीदा बताया
आलिया भट्ट ने 79वें कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival, 2026) के रेड कार्पेट पर कदम रखा, तो दुनिया भर की निगाहें उन पर थीं। इस साल महोत्सव में सबसे चर्चित भारतीय हस्तियों में से एक बनकर उभरी है आलिया, जो आधुनिक ग्लैमर और क्लासिक शालीनता के अपने बेजोड़ संतुलन के साथ उभरी है। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। आलिया ने अपनी अंतरराष्ट्रीय सफलता का आनंद लेते हुए इस बड़े मंच पर अपनी प्रेरणा और एक विशिष्ट याद को भी साझा किया है। ‘ब्रिटिश वोग’ के साथ बातचीत के दौरान, आलिया ने बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन की 2002 की ऐतिहासिक घटना को याद किया, जिसने भारतीय सिनेमा की विश्वव्यापी पहचान बदल दी थी।
ऐश्वर्या राय की देवदास की छवि: आलिया की मूल प्रेरणा
कान महोत्सव की चकाचौंध के बीच, आलिया भट्ट ने अपनी यादों में सबसे ‘आइकॉनिक’ क्षणों को याद किया। उनका कहना था कि 2002 में ऐश्वर्या राय बच्चन की फिल्म ‘देवदास’ का प्रीमियर उनके दिल के बहुत करीब था। आलिया ने कहा, “कान का एक ऐसा लुक जो मेरी यादों में बिल्कुल प्रतिष्ठित (iconic) के रूप में दर्ज है, वह निश्चित रूप से ऐश्वर्या राय बच्चन का लुक होगा ‘देवदास’ के प्रीमियर पर। उनका चेहरा और उनकी सुंदर साड़ी दोनों बहुत अजीब और अविस्मरणीय थे।”
2002 में ऐश्वर्या राय ने पीले रंग की सुंदर साड़ी और भारी गहनों के साथ रेड कार्पेट पर पहुंचकर भारतीय परंपरा को गर्व से प्रस्तुत किया था। आलिया ने वरिष्ठ कलाकारों को सम्मान दिया, जो भारतीय विरासत की शक्ति पर भी उसका विश्वास दिखाता है।
आधुनिक और पारंपरिक ग्लैमर का एकीकरण
इस साल आलिया भट्ट का रूप भी बेहतरीन था। उनकी कोशिश है कि संस्कृति और फैशन को बेहतरीन ढंग से जोड़ दें। वह वैश्विक दर्शकों की पसंद को समझते हुए भी रेड कार्पेट पर अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं। फैशन विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष का आलिया का चयन सबसे परिष्कृत (sophisticated) है। उनके मेकअप से लेकर उनके चलने के अंदाज तक, सब कुछ एक ऐसी अभिनेत्री की कहानी बता रहा था जिसने अपनी मेहनत से ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और ‘हार्ट ऑफ स्टोन’ बनाए हैं, जो दुनिया भर में लोकप्रिय हैं।
भारतीय कलाकारों का विश्वव्यापी प्रभाव
कान फिल्म फेस्टिवल में आलिया भट्ट और उनके द्वारा ऐश्वर्या राय का जिक्र करना इस बात का संकेत है कि भारतीय अभिनेत्रियां अब केवल मेहमान नहीं, बल्कि इस उत्सव का प्रमुख आकर्षण बन चुकी हैं। दस साल पहले, यहाँ केवल कुछ विशिष्ट कलाकार ही दिखाई देते थे, लेकिन आज आलिया जैसी युवा कलाकार अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन रही हैं। भारतीय कलाकारों की राय और उनकी पसंद को वैश्विक फैशन और सिनेमा जगत में कितनी गंभीरता से लिया जाता है, यह ब्रिटिश वोग जैसे महत्वपूर्ण पत्रिकाओं के साथ उनकी बातचीत से स्पष्ट होता है।
सभ्यता और भविष्य का एकीकरण
आलिया भट्ट ने न केवल अपने अभिनय से प्रशंसा बटोरी, बल्कि ऐश्वर्या राय के ‘देवदास’ अभिनय से भी सिद्ध कर दिया कि क्लासिक शैली कभी नहीं मर जाती। 2000 के दशक की शुरुआत में ऐश्वर्या राय ने अपना रास्ता बनाया था, वहीं आलिया उसी मशाल को आगे बढ़ा रही हैं। आलिया की इस साल की उपस्थिति यह बताती है कि भारतीय सिनेमा अब एक आधुनिक और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है, जो अपने गौरवशाली अतीत का सम्मान करता है। उनके प्रशंसक उनके वर्तमान दिखने के दीवाने हैं और इस ‘ट्रिब्यूट’ की बहुत प्रशंसा कर रहे हैं।