एशियन गेम्स 2026 के लिए अफगानिस्तान ने 15 सदस्यीय टीम घोषित की। पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी के 20 वर्षीय बेटे हसन ईसाखिल को पहली बार टीम में जगह मिली है।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार, 17 अगस्त को 2026 एशियन गेम्स के लिए अपनी 15 सदस्यीय पुरुष क्रिकेट टीम का ऐलान किया। टीम की घोषणा के साथ ही एक नाम ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है और वह है पूर्व अफगान कप्तान तथा स्टार ऑलराउंडर मोहम्मद नबी के 20 वर्षीय बेटे हसन ईसाखिल का। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हसन को पहली बार अफगानिस्तान की सीनियर पुरुष टीम के लिए चुने जाने का मौका मिला है। हालांकि, वह अभी तक अफगानिस्तान की सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेल पाए हैं, लेकिन घरेलू और टी20 क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा घोषित टीम में हसन के अलावा कई अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं। दारविश रसूली को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि करीम जनत और नजीब जादरान जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी टीम में जगह दी गई है। एशियन गेम्स में अफगानिस्तान की यह टीम युवा प्रतिभाओं और अनुभव का मिश्रण नजर आ रही है।
मोहम्मद नबी के बेटे हसन ईसाखिल पर रहेंगी नजरें
हसन ईसाखिल का चयन इस टीम की सबसे बड़ी खबरों में से एक है। 20 वर्षीय बल्लेबाज ने अब तक 41 टी20 मुकाबलों में 1,094 रन बनाए हैं। शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने वाले हसन ने कम उम्र में ही टी20 क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित की है। हालांकि, उन्हें अभी तक अफगानिस्तान की सीनियर पुरुष टीम में खेलने का अवसर नहीं मिला है। ऐसे में एशियन गेम्स उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच साबित हो सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि हसन दबाव वाले मुकाबलों में किस तरह बल्लेबाजी करते हैं और क्या वह अपने पिता मोहम्मद नबी की तरह अफगानिस्तान क्रिकेट में लंबा सफर तय कर पाते हैं। मोहम्मद नबी अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली खिलाड़ियों में रहे हैं और उन्होंने टीम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उनके बेटे का राष्ट्रीय टीम के करीब पहुंचना अफगान क्रिकेट के लिए भी एक दिलचस्प कहानी है।
दारविश रसूली संभालेंगे कप्तानी की जिम्मेदारी
अफगानिस्तान की एशियन गेम्स टीम की कप्तानी दारविश रसूली को सौंपी गई है। रसूली के नेतृत्व में टीम युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव से परिचित कराने की कोशिश करेगी। टीम में करीम जनत और नजीब जादरान जैसे अनुभवी नाम भी मौजूद हैं, जिनसे युवा खिलाड़ियों को काफी मदद मिल सकती है। एशियन गेम्स जैसे बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में कप्तान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि टीम को अलग-अलग परिस्थितियों और विरोधी टीमों के खिलाफ तेजी से रणनीति तैयार करनी पड़ती है। रसूली के सामने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती होगी। टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए अफगानिस्तान से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
पहली टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों को दिया आराम
अफगानिस्तान की टीम के चयन का एक पहलू क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। बोर्ड ने एशियन गेम्स के लिए अपनी पहली पसंद के ज्यादातर खिलाड़ियों को आराम दिया है। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली अन्य कई टीमों ने मजबूत और लगभग पूरी ताकत वाली टीमों का चयन किया है। अफगानिस्तान ने इसके बजाय युवा और दूसरे स्तर के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुभव हासिल करने का मौका दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि बोर्ड भविष्य के लिए नई प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दे रहा है। एशियन गेम्स में मजबूत टीमों के खिलाफ खेलना इन खिलाड़ियों के विकास के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
भारत की कमान संभालेंगे श्रेयस अय्यर
एशियन गेम्स में भारत की ओर से भी मजबूत टीम मैदान में उतरने वाली है। भारत के मौजूदा टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान श्रेयस अय्यर को एशियन गेम्स में भारतीय टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतीय टीम में युवा प्रतिभाओं के साथ कई अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल खिलाड़ी शामिल हैं। वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय टीम को बेहद मजबूत बनाती है। भारत और अफगानिस्तान की टीमों की संरचना में स्पष्ट अंतर नजर आता है, जहां भारत ने अपने कई प्रमुख खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है, जबकि अफगानिस्तान ने अपनी पहली टीम के अधिकांश खिलाड़ियों को आराम दिया है।
हसन के लिए बड़ा मौका, अफगानिस्तान के लिए भविष्य की तैयारी
हसन ईसाखिल के लिए एशियन गेम्स का चयन उनके करियर में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। 41 टी20 मुकाबलों में 1,094 रन का आंकड़ा उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव घरेलू क्रिकेट से अलग होता है। एशियन गेम्स में उन्हें पहली बार बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिल सकता है। अगर वह इस टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं, तो आने वाले समय में अफगानिस्तान की सीनियर टीम के दरवाजे उनके लिए और खुल सकते हैं। वहीं अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों की क्षमता परखने और भविष्य की टीम तैयार करने का अवसर है।
एशियन गेम्स में रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद
2026 एशियन गेम्स की पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में अफगानिस्तान और भारत जैसी टीमों की भागीदारी से मुकाबले काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है। एक ओर भारत अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के मजबूत संयोजन के साथ उतर रहा है, वहीं अफगानिस्तान ने भविष्य की प्रतिभाओं को मौका देने की रणनीति अपनाई है। हसन ईसाखिल का चयन इस रणनीति का सबसे प्रमुख उदाहरण है। मोहम्मद नबी के बेटे के लिए यह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने की शुरुआत भी हो सकती है। अब सबकी नजरें एशियन गेम्स पर होंगी, जहां युवा हसन सहित अफगानिस्तान के अन्य खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और प्रशंसकों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।