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एडोबी ने भारतीय मूल के अनिल चक्रवर्ती को नया CEO नियुक्त किया है। वह 1 दिसंबर से पद संभालेंगे, जबकि शंतनु नारायण एग्जीक्यूटिव चेयर की भूमिका निभाएंगे।
प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी एडोबी ने अपने नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव देखा है। कम्पनी ने भारतीय मूल के अनिल चक्रवर्ती को नया अध्यक्ष और सीईओ नियुक्त किया है। वह कंपनी का लंबे समय से नेतृत्व कर रहे शंतनु नारायण की जगह लेंगे। एडोबी ने कहा कि 1 दिसंबर से अनिल चक्रवर्ती CEO का पद संभालेंगे। साथ ही, शंतनु नारायण ने सीईओ पद से हटने के बाद कंपनी में एग्जीक्यूटिव चेयर का पद धारण करेंगे। इस बदलाव को एडोबी के नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव माना जाता है।
18 साल बाद शंतनु नारायण CEO पद छोड़ेंगे
शंतनु नारायण ने करीब 18 साल तक एडोबी का नेतृत्व किया है। उस समय, कंपनी ने सॉफ्टवेयर और डिजिटल क्रिएटिविटी के क्षेत्र में अपनी जगह बनाई। नारायण के नेतृत्व में, एडोबी ने क्लाउड आधारित सेवाओं की दिशा में अपने पारंपरिक सॉफ्टवेयर व्यवसाय को बढ़ाया और डिजिटल अनुभव से जुड़े व्यवसायों को विकसित किया।
शंतनु नारायण अब सीईओ पद से हटने के बाद भी कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होंगे। वह एडोबी के साथ एग्जीक्यूटिव चेयर के रूप में जुड़े रहेंगे। वह इस पद पर रणनीतिक स्तर पर कंपनी के बोर्ड और नेतृत्व टीम के साथ काम करना जारी रख सकता है। नारायण का अनुभव और मार्गदर्शन एडोबी को नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद मिलता रहेगा।
अनिल चक्रवर्ती कौन हैं?
भारतीय मूल के वरिष्ठ कारोबारी और टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव अनिल चक्रवर्ती हैं। वह फिलहाल एडोबी के Customer Experience Orchestration कारोबार के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा, वह दुनिया भर में कंपनी के कार्यों की देखरेख करते हैं। अपने मौजूदा पद पर, वह एडोबी के ग्राहकों, कारोबार और डिजिटल अनुभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
जनवरी 2020 में, चक्रवर्ती ने एडोबी के साथ अपना सफर शुरू किया था। वह उस समय कंपनी के डिजिटल अनुभव कारोबार का एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर थे। बाद में उन्होंने कंपनी का डिजिटल कारोबार बढ़ाकर ग्राहकों के लिए तकनीकी समाधान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
2020 में चक्रवर्ती एडोबी से जुड़े थे
एडोबी में अनिल चक्रवर्ती की यात्रा अब तक तेजी से बढ़ी है। उन्होंने जनवरी 2020 में कंपनी में शामिल होने के बाद डिजिटल एक्सपीरियंस बिजनेस का कार्यभार संभाला। बाद में उनका पद बढ़ा और Customer Experience Orchestration Company के CEO बने।
उनके अनुभव को देखते हुए, एडोबी ने उन्हें कंपनी में सबसे बड़ी भूमिका देने का निर्णय लिया है। CEO के रूप में उनके सामने कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने और एडोबी की स्थिति को बदलते टेक्नोलॉजी परिदृश्य में मजबूत बनाए रखने की चुनौती होगी।
AI पर फोकस रहेगा
वर्तमान में, टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है। AI ने सॉफ्टवेयर कंपनियों और उनके उत्पादों को काफी प्रभावित किया है। ऐसे समय में, एडोबी के नए सीईओ को कंपनी के AI-आधारित उत्पादों और सेवाओं को और बेहतर बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
एडोबी ने पहले से ही अपने डिजिटल और क्रिएटिव एक्सपीरियंस उत्पादों में आईटी तकनीक का इस्तेमाल किया है। कम्पनी आने वाले वर्षों में क्लाउड सेवाओं, AI और ग्राहक अनुभव से जुड़े समाधानों का विकास कर सकती है। कम्पनी को अनिल चक्रवर्ती का डिजिटल अनुभव और ग्राहक-केंद्रित कारोबार का अनुभव इस दिशा में मदद कर सकता है।
संतनु नारायण का कार्यकाल रहा प्रमुख
जब सॉफ्टवेयर उद्योग में बड़े बदलाव आने लगे, शंतनु नारायण ने एडोबी की कमान संभाली। कंपनी ने उनके नेतृत्व में अपने उत्पादों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप बदल दिया। एडोबी ने डिजिटल डॉक्यूमेंट, डिजिटल एक्सपीरियंस और क्रिएटिव सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में अपना मजबूत स्थान बनाए रखा।
नारायण ने भी सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल को तेजी से अपनाया। इससे एडोबी को लगातार आय का मजबूत आधार मिल गया। अब सीईओ पद से हटने के बाद वह एग्जीक्यूटिव चेयर के रूप में कंपनी में रहेगा।
1 दिसंबर से नई जिम्मेदारी लेंगे
एडोबी ने कहा कि 1 दिसंबर से अनिल चक्रवर्ती कंपनी का नया अध्यक्ष और सीईओ बनेंगे। साथ ही, इस नेतृत्व परिवर्तन के निर्णय से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में काफी उत्साह पैदा हुआ है। भारतीय मूल के एक वरिष्ठ टेक एग्जीक्यूटिव को दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक का नेतृत्व करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
अनिल चक्रवर्ती की नई भूमिका और रणनीति अब सबका ध्यान होगा। AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव, डिजिटल अनुभव के बदलते रूप और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से एडोबी का भविष्य निर्धारित होगा। साथ ही, शंतनु नारायण का एग्जीक्यूटिव चेयर के रूप में कंपनी में रहना नेतृत्व परिवर्तन को स्थायी बनाएगा।