एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी नौसेना प्रमुख का बड़ा बयान: हिंद-प्रशांत की चुनौतियों के लिए तीनों सेनाओं का ‘एकीकरण’ है अनिवार्य

एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी नौसेना प्रमुख का बड़ा बयान: हिंद-प्रशांत की चुनौतियों के लिए तीनों सेनाओं का 'एकीकरण' है अनिवार्य

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने अंडमान और निकोबार कमान (ANC) के दौरे पर तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और थिएटर कमांड की ताकत पर जोर दिया।

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी का अंडमान और निकोबार कमान (ANC) का हालिया दौरा भारत की समुद्री रक्षा रणनीति और सैन्य एकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए, उन्होंने सेना के विभिन्न अंगों के बीच आपसी तालमेल को आधुनिक युद्धकौशल की सबसे बड़ी जरूरत बताया।

हिंद-प्रशांत सुरक्षा और सेनाओं का समन्वय

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए थल सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के बीच घनिष्ठ समन्वय और ‘इंटरऑपरेबिलिटी’ पर विशेष बल दिया है। उनका मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में उभरती सुरक्षा चुनौतियों और जटिलताओं से निपटने के लिए चारों बलों के बीच निर्बाध तालमेल और एक साथ मिलकर काम करने की क्षमता अनिवार्य है। यह एकीकरण न केवल रक्षा क्षमताओं को बढ़ाता है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

अंडमान और निकोबार कमान (ANC) का रणनीतिक महत्व

21 से 22 अप्रैल तक किए गए अपने दौरे के दौरान, एडमिरल त्रिपाठी ने अंडमान और निकोबार कमान (ANC) की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। यह कमान भारत की एकमात्र और विशिष्ट ‘थिएटर कमांड’ है, जहाँ तीनों सेनाएं एक एकीकृत नेतृत्व के तहत काम करती हैं। नौसेना प्रमुख ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रणनीतिक अभियानों पर गहन चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों (SLOCs) के करीब स्थित होने के कारण, ANC समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने में भारत का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।

बुनियादी ढांचा और सैन्य मनोबल

एडमिरल त्रिपाठी ने द्वीप क्षेत्र में तैनात रक्षा कर्मियों की पेशेवर प्रतिबद्धता और उच्च स्तर की तैयारी की सराहना करते हुए कहा कि समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि बुनियादी ढांचे का विकास सैन्य ताकत के लिए जरूरी है। इसी दिशा में, जनवरी में सीडीएस (CDS) जनरल अनिल चौहान द्वारा कार निकोबार एयरबेस पर अपग्रेडेड रनवे और विस्तारित एप्रन क्षेत्रों का उद्घाटन किया गया था। इन आधुनिक सुविधाओं ने अब इस क्षेत्र से लंबी दूरी के मिशन और सैनिकों की त्वरित तैनाती को अत्यधिक सुगम बना दिया है।

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