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AAP नेता संजीव झा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ‘शिफ्टेड’ बताकर हटाए गए मतदाताओं का डेटा साझा किया जाए और आपत्ति दर्ज करने वालों को SIR फॉर्म उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान कर सकें।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजीव झा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम ‘Shifted’ (स्थानांतरित) श्रेणी में डालकर मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनका पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मतदाता आपत्ति दर्ज कराते हैं, तो उन्हें SIR (Special Intensive Revision) फॉर्म उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपना पक्ष रख सकें और मतदाता सूची में अपना नाम दोबारा शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
संजीव झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक पात्र नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकें और किसी भी योग्य मतदाता का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो।
चुनाव आयोग से क्या मांग की गई?
हमने चुनाव आयोग को सुझाव दिया कि जिन भी वोटर्स को shifted दिखा कर उनका वोट काट दिया गया है, उनका डाटा शेयर किया जाए और यदि वो आपत्ति दर्ज करें तो उन्हें SIR फार्म दिया जाए।
हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग वोट प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें।@Sanjeev_aap pic.twitter.com/xwTnGQKcxI
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 6, 2026
AAP नेता ने कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया है कि जिन लोगों के वोट “Shifted” श्रेणी में डालकर हटाए गए हैं, उनका विवरण संबंधित मतदाताओं के साथ साझा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता इस कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराता है, तो उसे SIR फॉर्म उपलब्ध कराया जाए ताकि वह आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपने नाम की पुनः जांच और बहाली के लिए आवेदन कर सके।
‘हर पात्र मतदाता को मिले मतदान का अधिकार’
संजीव झा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि हर पात्र नागरिक को मतदान करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास केवल इतना है कि कोई भी योग्य मतदाता तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
उनके अनुसार, मतदाता सूची में पारदर्शिता और समयबद्ध सुधार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाएंगे।
मतदाता सूची को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
हाल के दिनों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नाम हटाए जाने के मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दल चुनाव आयोग के समक्ष अपनी-अपनी चिंताएं रख रहे हैं। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी ने भी “Shifted” श्रेणी में हटाए गए मतदाताओं के डेटा को सार्वजनिक करने और आपत्ति दर्ज कराने वालों को SIR फॉर्म उपलब्ध कराने की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक चुनाव आयोग की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
AAP का कहना है कि मतदान प्रक्रिया में अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मूल भावना है और इसी उद्देश्य से यह सुझाव चुनाव आयोग को दिया गया है।