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पंजाब में आम आदमी पार्टी ने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरा है। AAP ने इसे आम जनता की जेब पर डाका और देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं ने बढ़ती महंगाई और तेल के दामों को ‘भाजपा की जेबकतरा नीति’ करार देते हुए इसे आम जनता की मेहनत की कमाई पर सीधा डाका बताया है।
‘आम आदमी की जेब पर डाका’
ਤੇਲ ਦੀਆਂ ਕੀਮਤਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਤਾਰ ਵਾਧਾ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਜੇਬ ‘ਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦਾ ਡਾਕਾ ਹੈ। ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਮਹਿੰਗਾਈ ਦੀ ਮਾਰ ਝੱਲ ਰਹੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਇਹ ਵਾਧਾ ਇੱਕ ਵੱਡੀ ਚਿੰਤਾ ਹੈ, ਜੋ ਆਮ ਘਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ਼ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਆਰਥਿਕਤਾ ਨੂੰ ਹੋਰ ਨਿਘਾਰ ਵੱਲ ਲੈ ਕੇ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। pic.twitter.com/gj7oZZwUHs
— AAP Punjab (@AAPPunjab) May 28, 2026
आम आदमी पार्टी पंजाब की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम नागरिकों के लिए ईंधन की बढ़ती कीमतें किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर भाजपा सरकार न केवल आम परिवारों का बजट बिगाड़ रही है, बल्कि परिवहन लागत में बढ़ोतरी के जरिए हर जरूरी वस्तु की कीमतों को आसमान पर पहुंचा रही है।
अर्थव्यवस्था के लिए खतरा
आप नेताओं ने चेतावनी दी कि जिस तरह से सरकार ईंधन के दामों में बेलगाम बढ़ोतरी कर रही है, वह देश की अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे ढलान की ओर ले जा रही है। उन्होंने कहा, “यह केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा सवाल है। यदि महंगाई को इसी तरह नजरअंदाज किया गया, तो देश की अर्थव्यवस्था का ढहना निश्चित है।”
‘जुमले और विज्ञापनों में व्यस्त सरकार’
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वास्तविक आर्थिक सुधारों को छोड़कर केवल हेडलाइन मैनेजमेंट और विज्ञापनों के जरिए देश चलाने का दिखावा कर रही है। पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि मोदी सरकार को अपनी गलत आर्थिक नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए और तुरंत राहत देनी चाहिए।
जनता की आवाज बनी AAP
पंजाब में आम आदमी पार्टी का रुख स्पष्ट है—वे केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक आवाज बुलंद करेंगे। पार्टी ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के अनुरूप भारत में भी ईंधन के दामों में कटौती की जाए ताकि गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।