।
जनकपुरी के स्कूल में 3 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत के खिलाफ सौरभ भारद्वाज और ‘आप’ पार्षदों ने राजनिवास के बाहर प्रदर्शन किया। सौरभ ने आरोप लगाया कि एलजी के पास रील बनाने का समय है, लेकिन पीड़ितों से मिलने का नहीं।
‘पीड़िता को इंसाफ या भाजपा नेताओं की शादी?’ – राजनिवास पर सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला
नई दिल्ली: दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में 3 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजनिवास (LG House) के बाहर मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में ‘आप’ के सभी पार्षदों और महिला कार्यकर्ताओं ने बुधवार रात से ही धरना प्रदर्शन शुरू किया, जो गुरुवार को और तेज हो गया।
“जनप्रतिनिधियों के लिए समय नहीं, बीजेपी के कार्यक्रमों में व्यस्त हैं एलजी”
.@LtGovDelhi सुबह से रात हो गई है @AamAadmiParty दिल्ली अध्यक्ष @Saurabh_MLAgk जी आम आदमी पार्टी के सभी पार्षदों के साथ एक 3 साल की बच्ची के लिए आपसे इंसाफ मांगने आए हैं, आपके पास BJP नेताओं के बच्चों की शादी में जाने का तो टाइम है लेकिन जनप्रतिनिधियों से मिलने का टाइम नहीं है! pic.twitter.com/CH2Oud7mHp
— Ghanendra Bhardwaj🇮🇳 (@GhanendraB) May 13, 2026
सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली की जनता के टैक्स से चलने वाले संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के पास अपराधियों को बचाने और बीजेपी नेताओं के पारिवारिक कार्यक्रमों में जाने का समय है, लेकिन एक मासूम बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों से मिलने का समय नहीं है।
उन्होंने कहा, “सुबह से रात हो गई है, हम सभी पार्षद यहां शांतिपूर्ण ढंग से एलजी साहब से मिलने का समय मांग रहे हैं। लेकिन अफसोस कि उन्हें ‘रील लाइफ’ से फुर्सत नहीं है। दिल्ली की कानून-व्यवस्था भगवान भरोसे है और रक्षक ही भक्षक बने हुए हैं।”
पुलिसिया कार्रवाई और आरोपी की बेल पर सवाल
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस पीड़ित परिवार को ही डरा-धमका रही है। सौरभ भारद्वाज ने खुलासा किया कि पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसे गंभीर मामले में आरोपी को महज 5 दिनों के भीतर जमानत मिल गई, जो सिस्टम की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। पार्टी का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन के संबंध भाजपा के बड़े नेताओं से हैं, जिसके कारण मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य मांगें:
- न्यायिक जांच: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- पुलिस अधिकारियों पर एक्शन: पीड़ित परिवार को धमकाने वाले पुलिस अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए।
- सुरक्षा सुनिश्चित हो: दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू हों।
‘आप’ नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक बच्ची को इंसाफ नहीं मिलता और एलजी साहब जवाबदेही तय नहीं करते, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।