दिल्ली के बिंदापुर में डिलीवरी बॉय पांडव कुमार की हत्या के खिलाफ AAP पूर्वांचल विंग का मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन। ₹1 करोड़ मुआवजा और दोषी पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई की मांग।
बिंदापुर-जाफरपुर कलां में ‘बिहारी अस्मिता’ पर हमला?
दिल्ली के बिंदापुर-जाफरपुर कलां इलाके में 26 अप्रैल को हुई 21 वर्षीय डिलीवरी एग्जीक्यूटिव पांडव कुमार की हत्या ने राजधानी में एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक तनाव को जन्म दे दिया है। बिहार के रहने वाले पांडव कुमार की हत्या का आरोप दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल पर लगा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गोली चलाने से पहले आरोपी पुलिसकर्मी ने पांडव के खिलाफ जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल किया और उसकी ‘बिहारी पहचान’ को निशाना बनाया। इस घटना के बाद से ही दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचली समाज में भारी रोष है। चश्मदीदों का दावा है कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पूर्वांचल के लोगों के प्रति बढ़ती नफरत का नतीजा है।
मुख्यमंत्री आवास पर ‘आप’ का जोरदार प्रदर्शन
Purvanchali Wing of AAP protesting at CM Rekha Gupta’s residence.
Recently, a youth from Bihar was killed by a policeman just because he was from Bihar.
Under BJP, Delhi is becoming an intolerant city. pic.twitter.com/ouUBISkFp2
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) May 3, 2026
इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्वांचल विंग ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास के बाहर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘आप’ कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस अपने ही विभाग के आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे महज खानापूर्ति बता रहे हैं। ‘आप’ ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सख्त सजा दी जाए।
बीजेपी के राज में ‘असहिष्णु’ होती दिल्ली: सौरभ भारद्वाज
विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली सरकार के मंत्री और ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक नौजवान की जान सिर्फ इसलिए ले ली गई क्योंकि वह बिहार से था। भारद्वाज ने कहा, “बीजेपी सरकार के तहत राष्ट्रीय राजधानी एक असहिष्णु शहर बनती जा रही है, जहां बाहरी राज्यों से आए लोगों की जान सुरक्षित नहीं है।” वहीं, राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस घटना को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि दिल्ली में पूर्वांचल के लोगों के खिलाफ बढ़ती नफरत की राजनीति समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब दिल्ली में अपनी पहचान बताकर काम करना भी अपराध हो गया है?
बिहार सरकार की सहायता और आगे की राह
इस बीच, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतक पांडव कुमार के परिवार को ₹8 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। हालांकि, दिल्ली में सक्रिय पूर्वांचल संगठनों का कहना है कि यह लड़ाई केवल मुआवजे की नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की है। दिल्ली की राजनीति में पूर्वांचली वोट बैंक एक निर्णायक भूमिका निभाता है, ऐसे में इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पांडव कुमार के परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली विधानसभा और सड़कों पर और अधिक गरमाने के आसार हैं।