जनकपुरी स्कूल में 3 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी को लेकर दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। आप ने आरोप लगाया कि जब पार्टी कार्यकर्ता मासूम के लिए न्याय मांग रहे थे, तब मुख्यमंत्री संवेदनहीनता दिखाते हुए फिल्म देख रही थीं।
दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में 3 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक ओर जहां उपराज्यपाल और भाजपा को कठघरे में खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर से ही मुख्यमंत्री की ‘संवेदनहीनता’ पर सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक तीखा बयान जारी कर मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं पर सवालिया निशान लगा दिया है।
“जनप्रतिनिधि सड़कों पर, मुख्यमंत्री सिनेमा हॉल में”
एक मुख्यमंत्री ऐसीं भी..
जब AAP नेता 3 साल की मासूम बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर संघर्ष कर रहे थे, तब दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री मज़े से फिल्म देख रहीं थीं… कोई इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है? pic.twitter.com/0ZzzYam1iB
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) May 14, 2026
जिस समय वह स्वयं और पार्टी के तमाम पार्षद और कार्यकर्ता राजनिवास के बाहर रात भर बैठकर मासूम बच्ची के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे थे, उस समय दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री एक फिल्म की स्क्रीनिंग में व्यस्त थीं। सौरभ ने कहा, “यह देखना बेहद दुखद और शर्मनाक है कि जब दिल्ली की एक बेटी के साथ दरिंदगी हुई और उसे इंसाफ दिलाने के लिए पूरा सिस्टम सो रहा है, तब हमारी अपनी मुख्यमंत्री की प्राथमिकता फिल्में देखना है।”
जनकपुरी स्कूल की मान्यता रद्द करने की तैयारी
भले ही पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हों, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग (DoE) ने जनकपुरी के उस निजी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जहाँ यह वारदात हुई। जांच में पाया गया कि स्कूल में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और नियमों की भारी अनदेखी की गई थी। सरकार अब इस स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में लेने और इसकी मान्यता रद्द करने पर विचार कर रही है।
आरोपी की जमानत ने बढ़ाई नाराजगी
‘आप’ का मुख्य गुस्सा इस बात पर है कि 3 साल की बच्ची के साथ रेप जैसे गंभीर मामले में आरोपी को महज 7 दिनों के भीतर जमानत कैसे मिल गई। सौरभ भारद्वाज ने इसे दिल्ली पुलिस और एलजी की नाकामी बताते हुए कहा कि रसूखदार लोगों को बचाने के लिए गरीब परिवार की आवाज को दबाया जा रहा है।
- आरोप: सौरभ भारद्वाज ने सीएम पर मासूम के प्रति ‘असंवेदनशीलता’ का आरोप लगाया।
- प्रशासनिक एक्शन: दिल्ली सरकार स्कूल का टेकओवर (Takeover) करने की तैयारी में।
- विरोध प्रदर्शन: ‘आप’ कार्यकर्ताओं का राजनिवास और दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन जारी।
- राजनीतिक मोड़: निर्भया जैसे इस मामले ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर दोबारा गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में ‘आप’ इस मुद्दे को दबने नहीं देने का संकल्प ले चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री की कथित ‘मूवी स्क्रीनिंग’ ने विरोधियों के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी असंतोष की लहर पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस पर क्या सफाई देता है।