AAP विधायक गोपाल इटालिया ने सूरत के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया

AAP विधायक गोपाल इटालिया ने सूरत के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया

गोपाल इटालिया: सूरत में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के कारण खाड़ी में बाढ़ आती है, इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री जनता के सामने कोई रास्ता बताकर जाएं

सूरत में रोड-शो करने आ रहे गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल का ध्यान सूरत के महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सूरत आ रहे हैं। भाजपा सरकार वर्षों से सूरत और गुजरात में विकास के बड़े-बड़े दावे करती रही है, लेकिन मुख्यमंत्री को रोड-शो में लोगों के बीच जाना पड़ रहा है, यह ही दर्शाता है कि विकास के दावों की पोल खुल गई है। सूरत में सांसद, विधायक, कॉर्पोरेटर, संगठन के नेता और उद्योगपति सभी भाजपा से जुड़े हुए हैं, फिर भी कोई मुख्यमंत्री के सामने सूरत के असली मुद्दे नहीं रख सकता। भाजपा में नेताओं को सरकार के खिलाफ सच बोलने की आजादी नहीं है, केवल ऊपर से जो कहा जाता है वही बोलना पड़ता है। इसलिए जब मुख्यमंत्री सूरत आए हैं, तो मैं सूरत के हित के लिए, गुजरात के हित के लिए और मुख्यमंत्री के हित के लिए कुछ बातें प्रस्तुत करना चाहता हूं। 1. सूरत में पिछले 30 वर्षों से भाजपा की सरकार है, फिर भी लिम्बायत, गोडादरा गांव सहित कई क्षेत्रों में बार-बार जलभराव की समस्या बनी रहती है। भ्रष्टाचार और गलत योजना के कारण हर साल खाड़ी और निचले क्षेत्रों में बाढ़ आती है। हजारों लोगों के घरों में पानी घुस जाता है, घरेलू सामान नष्ट हो जाता है और लोगों का जीवन 8 से 15 दिनों तक अस्त-व्यस्त हो जाता है। जब मुख्यमंत्री सूरत आते हैं तो उन्हें इस बाढ़ समस्या पर स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए। 2. कतारगाम और आसपास के क्षेत्रों में लागू टी.पी. रिजर्वेशन का मुद्दा है। कतारगाम से लेकर वराछा, उधना, सरथाणा जैसे क्षेत्रों में कई सोसायटियां टी.पी. रिजर्वेशन में आ गई हैं। भाजपा के नेताओं, अधिकारियों और बिल्डरों द्वारा अवैध रूप से सोसायटियां बनाई गईं और अब आम नागरिक मुश्किल में हैं। जो लोग ऐसे मकानों में रहते हैं वे अपना मकान बेच नहीं सकते, लोन नहीं ले सकते, गिरवी नहीं रख सकते और बाजार मूल्य के अनुसार कीमत भी नहीं मिलती। मुख्यमंत्री को इन फंसे हुए मकानों के बारे में सरकार क्या करना चाहती है यह स्पष्ट करना चाहिए।

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विधायक गोपाल इटालिया ने आगे कहा कि 3. राज्य सरकार ने हजारों करोड़ रुपये खर्च कर ड्रीम प्रोजेक्ट्स और विभिन्न योजनाएं घोषित कीं, लेकिन उचित योजना के अभाव में वे सफल नहीं हो सकीं। डायमंड बुर्स जैसे प्रोजेक्ट्स भी उचित विजन और योजना के अभाव में अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके। केवल दिखावे और प्रशंसा के लिए योजनाएं बनाने से लोगों की समस्याएं हल नहीं होतीं। आपकी राज्य सरकार ने लगभग 4000 करोड़ रुपये खर्च कर सूरत डायमंड बुर्स बनाया, लेकिन आज वह व्यापारियों के लिए लाभकारी बनने के बजाय बोझ साबित हो रहा है। हीरा व्यापार का उचित केंद्र बन पाएगा या नहीं, इस पर अभी भी संदेह है। व्यापारियों को प्रोत्साहन देने के बजाय सरकारी तंत्र द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपने कार्यालय और व्यापार डायमंड बर्स में शिफ्ट करें, नहीं तो उन्हें परेशान किया जाएगा। इस तरह व्यापारियों को धमकाकर कोई प्रोजेक्ट सफल नहीं होता। डायमंड बर्स को सफल बनाने के लिए आसपास अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जरूरी हैं, जैसे फाइव स्टार और सेवन स्टार होटल, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक व्यापारियों के अनुकूल वातावरण। ऐसी सुविधाएं बनाए बिना केवल भव्य इमारत बना देने से प्रोजेक्ट सफल नहीं होता। सरकार अपनी गलतियां स्वीकार करने के बजाय व्यापारियों पर दबाव बना रही है, जो उचित नहीं है। 4. केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की चर्चा चल रही है। यदि देश की जनसंख्या बढ़ने के कारण सांसदों की संख्या बढ़ाने की बात होती है, तो उसी अनुपात में शैक्षणिक सुविधाएं क्यों नहीं बढ़ाई जातीं? सूरत की बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए नई सरकारी कॉलेज और स्कूल शुरू किए जाने चाहिए। खासकर अमरोली, कतारगाम, न्यू कतारगाम, मोटा वराछा, पूणा, सरथाणा, करंज और कामरेज जैसे क्षेत्रों में नई कॉलेजों की तत्काल आवश्यकता है। जनसंख्या बढ़ने पर केवल राजनीतिक प्रतिनिधियों की संख्या ही नहीं, बल्कि शिक्षा और अन्य सुविधाएं भी बढ़नी चाहिए। मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। 5. सूरत में हजारों छोटे परिवार टेक्सटाइल उद्योग पर निर्भर हैं। लोग लेस-बांधणी, धागा कटिंग, प्रोसेसिंग और अन्य छोटे-बड़े काम करके रोजगार प्राप्त करते हैं। लेकिन टेक्सटाइल उद्योग में धोखाधड़ी, उधारी और माल लेकर भाग जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। व्यापारियों को भारी नुकसान होता है, फिर भी पुलिस उचित कार्रवाई नहीं करती। उल्टा, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय व्यापारियों को ही परेशान किया जाता है। सूरत के व्यापारियों को सुरक्षा और न्याय मिले, इसके लिए राज्य सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए।

विधायक गोपाल इटालिया ने आगे कहा कि चेक रिटर्न जैसे मामलों में भी आरोपी समय पर उपस्थित नहीं होते और लोगों को केवल तारीख पर तारीख मिलती रहती है। ऐसी स्थिति में सामान्य व्यापारी और उद्योगपति न्याय के लिए तरस रहे हैं। मुख्यमंत्री रोड-शो करने आते हैं, विकास की बात करते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत अलग है। यदि इन उलझे हुए मुद्दों का समाधान किया जाए, तो वास्तव में सूरत की जनता को लाभ होगा। मेरी चिंता यह है कि सूरत में भाजपा के नेता, कॉर्पोरेटर, उद्योगपति और खुशामद करने वाले लोग मुख्यमंत्री को केवल प्रशंसा ही सुनाएंगे। कोई भी सूरत की वास्तविक समस्याओं पर खुलकर बात नहीं करेगा। इसलिए मैं मुख्यमंत्री के सामने सूरत की सच्ची स्थिति रख रहा हूं। मैं खुशामद करने वाला नहीं हूं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने वाला प्रतिनिधि हूं। यदि मुख्यमंत्री इन पांच मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देंगे, तो सूरत की जनता को वास्तव में लाभ होगा। रोड-शो और बड़े कार्यक्रम अच्छे हैं, लोग स्वागत भी करेंगे, लेकिन केवल दिखावे से समस्याएं हल नहीं होतीं। सूरत को वास्तविक विकास चाहिए और इसके लिए इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना आवश्यक है।

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