NCRB 2024 डेटा पर AAP का भाजपा पर हमला: “अपराध की राजधानी” बनी दिल्ली, बच्चों के खिलाफ क्राइम रेट सबसे अधिक

NCRB 2024 डेटा पर AAP का भाजपा पर हमला: "अपराध की राजधानी" बनी दिल्ली, बच्चों के खिलाफ क्राइम रेट सबसे अधिक

AAP ने NCRB 2024 के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। दिल्ली में अपहरण और बच्चों के खिलाफ अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक है, जिस पर AAP ने गृह मंत्रालय से जवाब मांगा है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दृष्टिकोण से राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2024 के आंकड़ों पर आधारित समाचार नीचे दिया गया है:

आम आदमी पार्टी ने एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और “चार इंजन की सरकार” (केंद्र, एलजी, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय) के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी अपराध की राजधानी बन गई है।

दिल्ली में ‘जंगलराज’: प्रति लाख आबादी पर अपहरण की दर देश में सबसे अधिक

आम आदमी पार्टी ने एनसीआरबी 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में अपहरण की दर प्रति 1 लाख आबादी पर 25.5 है, जो राष्ट्रीय औसत 6.8 से लगभग चार गुना अधिक है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि भले ही मामलों की संख्या 2023 के 5,715 से घटकर 2024 में 5,580 हुई हो, लेकिन यह गिरावट नगण्य है। AAP ने तंज कसते हुए कहा कि जिस दिल्ली की सुरक्षा सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, वहां अपराध की दर पूरे देश में सबसे ज्यादा होना भाजपा की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

बच्चों के खिलाफ अपराध में दिल्ली ‘नंबर वन’, भाजपा का सुरक्षा मॉडल फेल

NCRB डेटा के मुताबिक, दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर देश में सबसे डरावनी बनी हुई है। वर्ष 2024 में दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7,662 मामले दर्ज किए गए। AAP ने उजागर किया कि दिल्ली में बच्चों के खिलाफ अपराध की दर 138.4 (प्रति एक लाख बच्चों पर) है, जबकि राष्ट्रीय औसत मात्र 42.3 है। आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली की बेटियां और बच्चे अपने ही घर और सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं, तो भाजपा किस ‘सुरक्षा’ का ढोल पीट रही है?

चार्जशीट दाखिल करने में दिल्ली पुलिस की सुस्ती: अपराधियों को मिल रहा बढ़ावा

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अपहरण के मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की दर मात्र 8.5% है, जो राष्ट्रीय औसत 30.9% के मुकाबले बेहद शर्मनाक है। इसी तरह बच्चों के खिलाफ अपराध में चार्जशीट की दर 31.7% है, जो अखिल भारतीय औसत 61.4% का आधा भी नहीं है। AAP ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल केवल अरविंद केजरीवाल और AAP नेताओं को परेशान करने के लिए करती है, जबकि अपराधियों को पकड़ने और सजा दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती।

“चार इंजन की सरकार… चारों इंजन बेकार”: AAP का करारा प्रहार

पार्टी ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली में भाजपा की “चार इंजन वाली व्यवस्था” (केंद्र सरकार, एलजी साहब, गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस) पूरी तरह से फेल हो चुकी है। AAP ने कहा, “जब पूरे देश में अपहरण के मामले कम हो रहे हैं, तब दिल्ली में यह दर सबसे अधिक क्यों है? गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए कि दिल्ली की जनता को असुरक्षा के साये में क्यों धकेला गया है।” पार्टी ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस की जवाबदेही तय की जाए और राजनीतिक दखलअंदाजी बंद कर जनता की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए।

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