आप नेता आतिशी ने छोटे गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹261 की वृद्धि पर भाजपा को घेरा। उन्होंने इसे रेहड़ी-पटरी वालों और मजदूरों के बजट पर प्रहार और चुनाव बाद की लूट बताया।
आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी ने कमर्शियल और छोटे सिलेंडर की कीमतों में हुई भारी वृद्धि को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए इस महंगाई को आम जनता और छोटे व्यापारियों की जेब पर सीधा प्रहार बताया है।
चुनाव खत्म होते ही भाजपा ने जनता को दिया महंगाई का करंट: आतिशी
कमर्शियल सिलेंडर के बाद अब “छोटू सिलेंडर” को भी ₹261 महंगा कर दिया है। चुनाव के दौरान जो कीमतें थमी हुई थीं, वो अब अचानक आसमान छूने लगी हैं। ये महंगाई सीधे तौर पर रेहड़ी-पटरी वालों, मजदूरों और आम जनता के बजट पर प्रहार है। साफ है कि भाजपा को सिर्फ जनता के वोट से मतलब है, उनके… https://t.co/F0nFEWwETo
— Atishi (@AtishiAAP) May 1, 2026
आतिशी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जिन कीमतों को राजनीतिक लाभ के लिए थाम कर रखा गया था, मतदान खत्म होते ही उन्हें बेलगाम छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ अब “छोटू सिलेंडर” (5 किलो वाला सिलेंडर) की कीमत में भी ₹261 की बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी गई है। आतिशी के अनुसार, यह भाजपा की “वोट लो और भूल जाओ” वाली राजनीति का जीता-जागता सबूत है।
रेहड़ी-पटरी वालों और मजदूरों पर आर्थिक प्रहार
“छोटू सिलेंडर” का उपयोग मुख्य रूप से प्रवासी मजदूर, छात्र और रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदार करते हैं। आतिशी ने आरोप लगाया कि कीमतों में अचानक आए इस उछाल से उन लोगों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा को सिर्फ जनता के वोट से मतलब है, उनके दर्द से नहीं। यह वृद्धि सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग की रसोई पर प्रहार है।”
भाजपा की ‘जनविरोधी’ नीतियों का पर्दाफाश
आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा की ‘लूट’ करार देते हुए कहा कि एक तरफ सरकार मुफ्त राशन का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ खाना पकाने वाली गैस को इतना महंगा कर देती है कि गरीब व्यक्ति के लिए गुजारा करना नामुमकिन हो जाए। आतिशी ने मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद इस तरह की बढ़ोतरी जनता के साथ विश्वासघात है।