AAP ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कथित कमी को लेकर BJP सरकार पर निशाना साधा। पार्टी का आरोप है कि मरीजों को जरूरी दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए कहा जा रहा है।
दिल्ली की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP ने दावा किया है कि भाजपा के शासन में दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की भारी कमी हो गई है और मरीजों को इलाज के दौरान जरूरी दवाइयां अस्पताल के बाहर से खरीदने के लिए कहा जा रहा है।
AAP का आरोप है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाइयों पर अब भी MRP (Maximum Retail Price) छपी हुई है। पार्टी के मुताबिक, दवाइयों पर MRP होने के कारण उनके अस्पताल से बाहर बेचे जाने की आशंका बढ़ जाती है। AAP ने इसी व्यवस्था को अस्पतालों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी का आरोप
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को भी भाजपा ने लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया।
अपस्तालों में जो दवाइयां मिल रहीं हैं उनपर भी MRP का प्रिंट है जिससे किसी के लिए भी इसे बाहर बेचना बहुत आसान है। इसके चलते अस्पतालों में दवाईयों की भारी कमी है। मरीजों को बाहर से दवाइयां लेने के लिए… pic.twitter.com/NlQd84YztS
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 29, 2026
आम आदमी पार्टी का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त या निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं के तहत दवाइयां उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में कई मरीजों को जरूरी दवाइयां अस्पताल में नहीं मिल रही हैं। ऐसे में उन्हें डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयां मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा जा रहा है।
AAP ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में दवाइयों की कथित कमी का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है। जिन लोगों को सरकारी अस्पतालों में कम खर्च में इलाज की उम्मीद होती है, उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदने के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
AAP ने भाजपा सरकार से मांगा जवाब
AAP ने भाजपा सरकार पर दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बजाय ऐसी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं, जिनमें मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
पार्टी ने सरकार से अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता की तत्काल समीक्षा करने और दवाइयों की सप्लाई एवं वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। AAP का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को जरूरी दवाइयां अस्पताल में ही उपलब्ध होनी चाहिए।
AAP ने भाजपा सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी क्यों है और दवाइयों पर MRP से जुड़े नियमों की निगरानी किस तरह की जा रही है।