28
Table of Contents
आम आदमी पार्टी’ ने भाजपा पर दिल्ली के विकास कार्यों, जल संकट और शिक्षा-स्वास्थ्य नीतियों में बाधा डालने का आरोप लगाया है। जानें दिल्ली के सियासी टकराव के मुख्य कारण।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन दिनों सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर है। ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दिल्ली के शासन, बुनियादी ढांचे के विकास और जनहित की योजनाओं को रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि राजधानी के विकास की गति को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है।
विकास कार्यों में बाधा का आरोप
भाजपा के सत्ता में रहते दिल्ली में कोई अच्छा काम टिक नहीं सकता… सब बर्बाद कर देते हैं ये लोग। pic.twitter.com/zAbSkkbDBC
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 14, 2026
‘आम आदमी पार्टी’ के नेताओं का कहना है कि दिल्ली में भाजपा का रुख ‘विकास विरोधी’ है। पार्टी का दावा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मोहल्ला क्लीनिकों की सफलता और शिक्षा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, जो ‘आप’ सरकार की उपलब्धियां रही हैं, उन्हें भाजपा की नीतियों के कारण कमजोर किया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, जनहित से जुड़ी इन सेवाओं को प्रभावित कर जनता को असुविधा पहुंचाई जा रही है।
जल संकट और प्रशासनिक विफलता पर घेराबंदी
शहर में जारी जल संकट को लेकर ‘आम आदमी पार्टी’ ने भाजपा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का आरोप है कि जल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति भाजपा की खराब नीतियों और प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है। इस मुद्दे पर पार्टी ने ‘मटका फोड़’ प्रदर्शनों के माध्यम से विरोध दर्ज कराते हुए सरकार को बुनियादी सेवाओं में विफल बताया है।
कानून-व्यवस्था और जनहित की अनदेखी
‘आम आदमी पार्टी’ ने दिल्ली में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि चोरी, अपराध और असुरक्षा की बढ़ती घटनाओं से आम नागरिक डरे हुए हैं, और केंद्र व स्थानीय स्तर पर भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है। इसके साथ ही, ‘आप’ नेताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व दिल्ली की जनता की समस्याओं के बजाय अन्य राज्यों के चुनावी एजेंडे पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे दिल्लीवासी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
‘आम आदमी पार्टी’ ने जोर देकर कहा है कि वे अपनी इन आपत्तियों को रैलियों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विरोध प्रदर्शनों के जरिए जनता के सामने मजबूती से रखेंगे ताकि दिल्ली के विकास के एजेंडे को पटरी से उतरने से बचाया जा सके।