सोने के दाम में 20 साल में 1200% की भारी बढ़ोतरी, जानिए मार्केट एक्सपर्ट्स का भविष्य का अनुमान

सोने के दाम में 20 साल में 1200% की भारी बढ़ोतरी, जानिए मार्केट एक्सपर्ट्स का भविष्य का अनुमान

सोने के दाम में पिछले 20 सालों में 1200% की बढ़ोतरी, 2025 में 31% सालाना रिटर्न। जानें मार्केट एक्सपर्ट्स की राय, अमेरिकी टैरिफ का असर और आने वाले समय में सोने-चांदी के भाव का भविष्य।

सोने की कीमतों में पिछले 20 सालों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। 2005 में सोना प्रति 10 ग्राम ₹7,638 के स्तर पर था, जो जून 2025 तक ₹1,00,000 से भी ऊपर पहुंच गया, यानी करीब 1200 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इस दौरान सालाना औसतन 31% रिटर्न मिला है, जो अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में काफी बेहतर साबित हुआ है।

2025 में सोना और चांदी के ताजा भाव:

  • 24 कैरेट सोना आज इंडियन बुलियन के अनुसार ₹1,01,270 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हो रहा है।

  • 22 कैरेट सोना ₹92,831 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

  • प्रमुख शहरों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई में सोने के दाम ₹1,00,910 से ₹1,01,380 तक हैं।

  • चांदी की कीमतें भी स्थिर होकर ₹1,15,774 प्रति किलो के आसपास बनी हुई हैं, जिसने पिछले 20 सालों में 668.84% रिटर्न दिया है।

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अमेरिकी टैरिफ का असर और घरेलू बाजार में हालात:

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त 2025 से लागू हो गए हैं, जिससे घरेलू सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना अक्टूबर कंट्रैक्ट्स 0.44% बढ़कर ₹1,01,070 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी सितंबर कंट्रैक्ट्स में 0.46% की गिरावट आई है।

सोने के दाम किस प्रकार तय होते हैं?

सोने और चांदी की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट में बदलाव

  • भारत में आयात शुल्क, GST और अन्य टैक्स

  • वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक स्थिति

  • निवेशकों का सुरक्षित संपत्ति की ओर रुझान

  • भारत में परंपरागत और सांस्कृतिक मांग

मार्केट एक्सपर्ट्स की राय:

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं। वहीं, यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो निवेशक सोने की बजाय अन्य विकल्पों में निवेश करना पसंद कर सकते हैं।

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