Table of Contents
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी को चुनौती दी। दिल्ली में करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दी है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री चाहें तो सभी प्रदर्शनकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन विपक्ष संविधान की रक्षा और भारतीय जनता की आवाज को सुरक्षित रखने की अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए उनसे अपना विरोध जारी रखने की अपील की। इस बीच, दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को राजधानी में हिरासत में लिया गया है। यह प्रदर्शन कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दी गिरफ्तारी की चुनौती
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वह पिछले एक दशक से अधिक समय से प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं और अपने विरोधियों की कार्यशैली को अच्छी तरह समझते हैं। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेते हुए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों के लिए परिस्थितियां लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं और विपक्ष उनके खिलाफ अपना दबाव बढ़ा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहें तो 10 हजार, 20 हजार या 50 हजार पुलिसकर्मियों को बुला सकते हैं। वह सभी नेताओं और युवाओं को गिरफ्तार भी करवा सकते हैं, लेकिन इससे विपक्ष की लड़ाई खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करना चाहती है, तो ऐसा कर सकती है, लेकिन वे अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटेंगे।
‘संविधान की रक्षा और जनता की आवाज के लिए लड़ेंगे’
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि विपक्ष के पास आवश्यक जानकारी पहले से मौजूद है और वह संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता की आवाज को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 से 15 वर्षों में देश के साथ जो कुछ हुआ है, उसे दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, अपने बयान में उन्होंने उस जानकारी के बारे में विस्तार से नहीं बताया, जिसका उन्होंने जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें युवाओं पर गर्व है और विपक्ष उनके साथ खड़ा है। उन्होंने युवाओं से अपना विरोध जारी रखने की अपील की और कहा कि संविधान पर हमला करने वालों को राजनीतिक रूप से हराने के लिए विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उनके इस बयान को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्ष के कड़े राजनीतिक रुख के रूप में देखा जा रहा है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आवाज उठाना था। प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर की ओर बढ़ने के प्रयास के बीच पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पहचान, उनकी रिहाई की स्थिति और पुलिस कार्रवाई से जुड़े अन्य विस्तृत विवरण सामने नहीं आए हैं। इस घटना ने राजधानी में चुनाव आयोग और उसके प्रमुख के खिलाफ जारी विरोध को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
विपक्ष और सरकार के बीच बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
राहुल गांधी के बयान और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की घटना से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ राहुल गांधी ने युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए संविधान और जनता की आवाज की रक्षा का संकल्प दोहराया है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में साफ किया कि गिरफ्तारी या पुलिस कार्रवाई से विपक्ष का विरोध समाप्त नहीं होगा। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने की अपील की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की मांग और सरकार के खिलाफ राहुल गांधी के आरोप आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की हिरासत और राहुल गांधी की चुनौती ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।