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सत्यानिकेतन बिल्डिंग हादसे पर AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी की मांग की। VIP विजिट के दौरान ट्रैफिक रोके जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
दिल्ली के सत्यानिकेतन में पांच मंजिला छात्र PG इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राहत और बचाव अभियान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद सबसे जरूरी था कि बचाव अभियान पूरी तेजी और तत्परता के साथ चलाया जाए, क्योंकि मलबे के नीचे किसी की जिंदगी अभी भी बची हो सकती है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हो सकता है कोई मासूम अभी भी मलबे के नीचे सांस ले रहा हो और उसके माता-पिता इस उम्मीद में बैठे हों कि उनका बच्चा सुरक्षित बाहर निकलेगा। ऐसे समय में बचाव अभियान की हर मिनट की देरी महत्वपूर्ण हो सकती है।
‘रेस्क्यू ऑपरेशन में नहीं दिख रही जरूरी तेजी’
AAP नेता ने आरोप लगाया कि राहत और बचाव अभियान में वह तेजी और तत्परता नजर नहीं आ रही, जिसकी ऐसे गंभीर हादसे में सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को निकालना इस समय सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सोमवार को भी राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा और अधिकारियों के मुताबिक मलबे का बड़ा हिस्सा हटाया जा चुका था।
‘VIP विजिट जरूरी या जिंदगी बचाने के लिए तेज कार्रवाई?’
बचाव अभियान में वह तेजी और तत्परता नहीं दिख रही जिसकी इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत है।
मलबे में न जाने कोई मासूम अभी भी सांस ले रहा हो, और उसके माता-पिता उम्मीद लगाए बैठे हों कि उनका बच्चा सुरक्षित बाहर आएगा।
लेकिन मुख्यमंत्री और LG के पहुंचने पर करीब 2 से 2.5 घंटे तक ट्रैफिक ठप… pic.twitter.com/SZPQwewuHs
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 7, 2026
सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के घटनास्थल पर पहुंचने के दौरान ट्रैफिक रोके जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि VIP मूवमेंट के कारण करीब 2 से 2.5 घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा।
उन्होंने सवाल किया कि जब मलबे के नीचे किसी की जिंदगी बची होने की संभावना हो, तब प्राथमिकता VIP विजिट होनी चाहिए या बचाव अभियान को बिना किसी बाधा के तेज करना?
उन्होंने कहा कि ऐसे संकट के समय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राहत और बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने और काम करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
सत्यानिकेतन हादसे में छह लोगों की मौत
सत्यानिकेतन में पांच मंजिला इमारत के गिरने की घटना में सोमवार तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। बचाव दलों ने कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला और तलाशी अभियान जारी रखा। इमारत में मुख्य रूप से छात्र रहते थे और इसका इस्तेमाल PG/छात्र आवास के रूप में किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में बेसमेंट में चल रहे निर्माण/मरम्मत कार्य और पानी जमा होने सहित कई संभावित कारणों की जांच की जा रही है। हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
‘एक-एक जिंदगी बचाना सरकार की प्राथमिकता हो’
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार से अपील की कि वह राहत एवं बचाव अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई न बरते। उन्होंने कहा कि जब तक यह आशंका खत्म नहीं हो जाती कि कोई व्यक्ति मलबे में फंसा हुआ है, तब तक बचाव अभियान को पूरी ताकत और तेजी से जारी रखा जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भवन सुरक्षा और निर्माण नियमों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।