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दिल्ली में बिजली सरचार्ज को लेकर AAP ने BJP सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि पहले 200 यूनिट तक जीरो बिल मिलता था, अब उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
दिल्ली में बिजली के बढ़ते सरचार्ज को लेकर आम आदमी पार्टी ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है। AAP का आरोप है कि उसके शासन के दौरान दिल्ली के लाखों परिवारों को बिजली बिल में बड़ी राहत मिलती थी और 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी के चलते प्रभावी रूप से जीरो बिल का लाभ मिलता था। पार्टी ने कहा कि दिल्ली का बिजली मॉडल कभी देशभर में चर्चा का विषय था और दूसरे राज्यों के लोग भी ऐसी सस्ती बिजली व्यवस्था की उम्मीद करते थे।
BJP पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप
AAP का कहना है कि BJP सरकार के कार्यकाल में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में पहले से बिजली सब्सिडी की व्यवस्था मौजूद थी, तो अब सरचार्ज और अतिरिक्त शुल्क के जरिए जनता की जेब पर बोझ क्यों डाला जा रहा है। AAP ने आरोप लगाया कि बिजली जैसी बुनियादी जरूरत को महंगा करना आम परिवारों, मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
DERC के फैसले के बाद बढ़ी चर्चा
वो भी क्या दिन थे, जब दिल्ली में ज़्यादातर लोगों के बिजली के बिल ज़ीरो आते थे और पूरे देश की जनता सोचती थी कि काश उनकी बिजली भी सस्ती होती।
वो AAP सरकार का दौर था…
लेकिन आज BJP क्या कर रही है, बिजली बिल पर सरचार्ज लगाकर फिर से जनता को लूटने की तैयारी कर रही है। pic.twitter.com/6VNNzJkArH
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 15, 2026
बिजली सरचार्ज को लेकर विवाद के बीच दिल्ली विद्युत नियामक आयोग यानी DERC ने जून 2026 के लिए डिस्कॉम को अतिरिक्त FPPAS वसूलने की अनुमति दी। इसके तहत BRPL को 7.94 प्रतिशत, BYPL को 7.43 प्रतिशत और TPDDL को 8.50 प्रतिशत अतिरिक्त FPPAS की अनुमति दी गई। इसके बाद कुल अनुमत FPPAS क्रमशः 17.94 प्रतिशत, 17.43 प्रतिशत और 18.50 प्रतिशत तक पहुंच गया। DERC के अनुसार यह बिजली खरीद लागत में वृद्धि की भरपाई से जुड़ा नियामकीय प्रावधान है।
बिजली मुद्दे पर AAP-BJP आमने-सामने
AAP ने BJP सरकार से मांग की है कि दिल्लीवासियों पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ न डाला जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। पार्टी ने अपने पुराने बिजली मॉडल को याद करते हुए कहा कि सब्सिडी और जीरो बिल ने लाखों परिवारों को राहत दी थी। वहीं, बिजली सरचार्ज से जुड़े फैसले नियामक प्रक्रिया के तहत होते हैं। ऐसे में AAP द्वारा BJP पर ‘जनता को लूटने’ का आरोप एक राजनीतिक बयान के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली में बिजली का मुद्दा एक बार फिर AAP और BJP के बीच राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है।