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AAP पंजाब अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भाजपा पर संविधान की भावना के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया और कहा कि युवाओं का भविष्य प्रभावित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान की भावना का सम्मान करने के बजाय भाजपा युवाओं के प्रति तानाशाही रवैया अपना रही है। अमन अरोड़ा ने कहा कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।
‘युवाओं के साथ तानाशाही बर्दाश्त नहीं’
अमन अरोड़ा ने अपने बयान में कहा कि युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या तानाशाहीपूर्ण व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और फैसलों का असर देश के लाखों छात्रों और युवाओं पर पड़ा है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
पीएम मोदी से माफी की मांग
ਸੰਵਿਧਾਨ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਲਈ ਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਮੁਆਫ਼ੀ ਮੰਗਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਭਾਜਪਾ ਵੱਲੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ‘ਤੇ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹ ਵਰਤਾਅ ਕਦੇ ਵੀ ਬਰਦਾਸ਼ਤਯੋਗ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਲੱਖਾਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦਾ ਭਵਿੱਖ ਬਰਬਾਦ ਕਰਨ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਮੁਆਫ਼ੀ ਮੰਗਣ PM ਮੋਦੀ।
– @AroraAmanSunam
‘ਆਪ’ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ pic.twitter.com/Me0CAY46Zl— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 3, 2026
AAP पंजाब अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार के निर्णयों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की जवाबदेही तय होना आवश्यक है और जनता के सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
संविधान के सम्मान की अपील
अमन अरोड़ा ने कहा कि संविधान देश का सर्वोच्च दस्तावेज है और सभी राजनीतिक दलों तथा सरकारों का दायित्व है कि वे उसकी मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करने के बजाय राजनीतिक विरोधियों और युवाओं के प्रति कठोर रवैया अपना रही है।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
खबर लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी या केंद्र सरकार की ओर से अमन अरोड़ा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। माना जा रहा है कि इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।