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IT Stocks में गुरुवार को जोरदार खरीदारी दिखी। Persistent Systems 2.6%, Wipro 2.5% और Infosys करीब 2% चढ़े, जबकि TCS और Tech Mahindra में भी तेजी रही।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को IT सेक्टर ने एक बार फिर व्यापक बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स भले ही सीमित दायरे में कारोबार करते रहे, लेकिन दिग्गज IT कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। TCS, Infosys, HCL Technologies, Tech Mahindra, Wipro और Persistent Systems जैसे प्रमुख शेयरों में तेजी रही। निवेशकों के बीच भारतीय IT कंपनियों को लेकर भरोसा बढ़ने और वैश्विक स्तर पर AI आधारित सेमीकंडक्टर शेयरों में हालिया कमजोरी के कारण फंड्स के रुख में बदलाव को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जून तिमाही के अधिकतर नतीजे उम्मीदों के अनुरूप रहने से IT सेक्टर में निवेशकों का भरोसा दोबारा मजबूत हुआ है।
Persistent Systems सबसे आगे, Wipro और Infosys में भी तेजी
गुरुवार के कारोबार में प्रमुख IT शेयरों में Persistent Systems करीब 2.6 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। इसके बाद Wipro में लगभग 2.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। Infosys करीब 2 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि Tech Mahindra में 1.9 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों में शामिल TCS के शेयरों में भी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज हुई। HCL Technologies भी मजबूत कारोबार करने वाले प्रमुख IT शेयरों में शामिल रहा। IT शेयरों में इस तेजी ने उस समय बाजार को सहारा दिया, जब व्यापक बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार कर रहे थे।
जून तिमाही के नतीजों से बढ़ा भरोसा
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक IT सेक्टर में हालिया तेजी की एक बड़ी वजह जून तिमाही के नतीजे हैं। अधिकांश प्रमुख IT कंपनियों के Q1 नतीजे बाजार की उम्मीदों के आसपास रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। भले ही कंपनियों के सामने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और तकनीकी बदलाव जैसी चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन उम्मीद के अनुरूप तिमाही प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि भारतीय IT कंपनियां बदलते कारोबारी माहौल के बीच अपनी स्थिति बनाए रखने में सक्षम हैं। इसी वजह से निवेशकों ने एक बार फिर प्रमुख IT शेयरों में खरीदारी शुरू की है।
AI सेमीकंडक्टर शेयरों से भारतीय IT की ओर फंड रोटेशन
IT शेयरों में तेजी का एक महत्वपूर्ण कारण वैश्विक निवेशकों द्वारा फंड का रोटेशन भी माना जा रहा है। हाल के महीनों में AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। खासकर दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे एशियाई बाजारों में AI आधारित टेक्नोलॉजी कंपनियों ने निवेशकों का ध्यान खींचा था। हालांकि, हाल के सप्ताहों में इस तेजी में कुछ ठंडक आई है। ऊंचे वैल्यूएशन और भारी निवेश को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच निवेशक अब भारतीय IT कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं।
KOSPI में भारी गिरावट ने बदली निवेशकों की रणनीति
Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, भारतीय बाजार इस वैश्विक बदलाव का अलग तरह से फायदा उठा सकता है। उन्होंने कहा कि चिप शेयरों में बिकवाली और जुलाई में भारत में FPIs के खरीदार बनने का रुख घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक है। उनके अनुसार, पिछले एक महीने में दक्षिण कोरिया के KOSPI में करीब 31 प्रतिशत की गिरावट आई है और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी FPIs चिप शेयरों में बड़े विक्रेता रहे हैं। ऐसे माहौल में भारतीय IT कंपनियां वैश्विक निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत आकर्षक विकल्प बन सकती हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती भी बनी सहारा
वीके विजयकुमार ने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी मजबूती बनाए हुए है, जो घरेलू शेयर बाजार के लिए बुनियादी समर्थन प्रदान कर सकती है। वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी शेयरों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की घरेलू आर्थिक गतिविधियों में लचीलापन बना हुआ है। इससे भारतीय कंपनियों के प्रति निवेशकों का दीर्घकालिक भरोसा मजबूत हो सकता है। IT सेक्टर के लिए भी यह महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक मांग में बदलाव के बावजूद भारतीय कंपनियों की लागत दक्षता और विविध ग्राहक आधार उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाए रखते हैं।
Nifty IT में इस महीने 17% से ज्यादा की तेजी
Equirus Wealth के मैनेजिंग डायरेक्टर और बिजनेस हेड अंकुर पुंज के अनुसार, Nifty IT Index में इस महीने अब तक 17 प्रतिशत से अधिक की तेजी आ चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रमुख टेक कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमान के अनुरूप रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा दोबारा मजबूत हुआ। नतीजों में किसी बड़ी नकारात्मक आश्चर्य की अनुपस्थिति ने IT शेयरों में खरीदारी को बढ़ावा दिया है। बाजार अब कंपनियों की आगे की ग्रोथ, डील पाइपलाइन और AI से मिलने वाले अवसरों पर नजर रख रहा है।
भारतीय IT कंपनियों के लिए आगे क्या?
भारतीय IT सेक्टर के लिए आगे का प्रदर्शन कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करेगा। अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में IT सेवाओं की मांग, AI आधारित सेवाओं में कंपनियों की क्षमता, डॉलर-रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां प्रमुख भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा, यदि वैश्विक निवेशकों का फंड रोटेशन भारतीय IT शेयरों की ओर जारी रहता है, तो सेक्टर को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर, गुरुवार को IT शेयरों का प्रदर्शन भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है। TCS, Infosys, Wipro, HCL Technologies, Tech Mahindra और Persistent Systems जैसे शेयरों में तेजी बताती है कि निवेशक भारतीय IT सेक्टर की संभावनाओं को लेकर फिर से आशावादी हो रहे हैं। जून तिमाही के संतोषजनक नतीजे, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक AI-सेमीकंडक्टर शेयरों से फंड रोटेशन आने वाले समय में IT सेक्टर की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे।