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पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सभी नागरिकों को हेल्थ कार्ड बनवाने की अपील की है। योजना के तहत 2,300 शुगर मरीजों के इलाज पर ₹6.5 करोड़ खर्च किए गए हैं।
पंजाब सरकार की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (Mukh Mantri Sehat Yojana) राज्य के आम नागरिकों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने राज्य के सभी नागरिकों को इस योजना के तहत अपना ‘हेल्थ कार्ड’ (Health Card) बनवाने के लिए प्रेरित किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि योजना के जरिए अब तक केवल 2,300 मधुमेह (Sugar/Diabetes) से पीड़ित मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा चुकी है। इनके इलाज पर पंजाब सरकार द्वारा लगभग ₹6.5 करोड़ (₹6,49,99,151) की राशि खर्च की गई है।
अस्पताल का खर्च कम, जीवन शैली सुधारने पर जोर
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਰਾਮਬਾਣ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @AAPbalbir ਨੇ ਸਭ ਨੂੰ ਸਿਹਤ ਕਾਰਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰੇਰਿਤ
👉🏻 ਕਿਹਾ, 2300 ਸ਼ੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੇ ਲਿਆ ਯੋਜਨਾ ਦਾ ਲਾਭ
👉🏻 ₹6.5 ਕਰੋੜ ਆਇਆ ਇਲਾਜ ‘ਤੇ ਖ਼ਰਚ
👉🏻 ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਕੁਦਰਤੀ ਖਾਣਾ ਖਾਣ ਅਤੇ ਕਸਰਤ ਕਰਨ ਦੀ ਦਿੱਤੀ ਸਲਾਹ pic.twitter.com/DtK2Htq62c— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 23, 2026
डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार हर परिवार को ₹10 लाख तक के मुफ़्त और कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान कर रही है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने बीमारियों से बचने के लिए प्राथमिक देखभाल और अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने की भी सलाह दी।
“अस्पताल में इलाज तो मिल सकता है, लेकिन बीमारी से बचाव ही सबसे उत्तम उपाय है। हम सभी को अपनी जीवन शैली में सुधार करना चाहिए, प्राकृतिक और संतुलित भोजन (Natural Food) अपनाना चाहिए तथा नियमित रूप से व्यायाम (Exercise) करना चाहिए ताकि शुगर और बीपी जैसी बीमारियों से बचा जा सके।”
— डॉ. बलबीर सिंह (कैबिनेट मंत्री, पंजाब)
36 से 60 वर्ष के युवाओं व वयस्कों में बढ़ रहे हैं शुगर के मामले
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) के आंकड़ों के मुताबिक, केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि 36 से 60 वर्ष की कार्यशील उम्र (Working-age population) के लोग भी शुगर का सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं।
- 2,300 शुगर मरीजों ने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज का लाभ उठाया।
- इनमें से कई मरीजों को डायलिसिस, आईसीयू (ICU) केयर और डायबिटिक फुट सर्जरी जैसी गंभीर स्थितियों के लिए वित्तीय सहायता दी गई।
- योजना के तहत सभी सरकारी और सूचीबद्ध (Empaneled) निजी अस्पतालों में बिना किसी प्रीमियम के कैशलेस इलाज दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी से अपील की है कि वे समय रहते अपना और अपने परिवार का मुख्यमंत्री सेहत कार्ड ज़रूर बनवाएं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वित्तीय संकट का सामना न करना पड़े।