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पश्चिम एशिया में तनाव और ब्रेंट क्रूड के $96 प्रति बैरल पहुंचने के बाद शेयर बाजार लाल निशान में खुला। हालांकि, ऑटो और दिग्गज शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तरों से शानदार रिकवरी दर्ज की।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 23 जुलाई को शुरुआती कारोबार की सुस्ती के बाद निचले स्तरों से एक शानदार रिकवरी देखने को मिली। पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के चलते बाजार भारी गिरावट के साथ खुला था। हालांकि, ऑटो, दिग्गज फाइनेंशियल और कंज्यूमर शेयरों में लौटी लिवाली ने बाजार को दिन के निचले स्तरों से उबारने में मदद की।
बेंचमार्क सूचकांकों का हाल: सेंसेक्स 300 अंक सुधरा
शुरुआती कारोबार में 300 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज करने के बाद सुबह 10:15 बजे के करीब BSE सेंसेक्स (Sensex) 108.91 अंक (0.14%) की मामूली नरमी के साथ 76,646.14 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स ने अपने दिन के निचले स्तर 76,344.67 से करीब 300 अंकों की तेज रिकवरी दर्ज की।
दूसरी ओर, NSE निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 30.50 अंक (0.13%) फिसलकर 23,965.75 के स्तर पर आ गया। बाजार खुलते ही 23,900 का स्तर तोड़ने के बाद निफ्टी ने वापसी करते हुए दोबारा 23,950 का महत्वपूर्ण स्तर हासिल कर लिया।
सेक्टोरल चाल: ऑटो शेयरों का धमाल, टेक और बैंकिंग सुस्त
बाजार को निचले स्तरों से उबारने में ऑटो सेक्टर ने सबसे अहम भूमिका निभाई, जिससे निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.99% चढ़ गया।
तेजी वाले प्रमुख शेयर (Top Gainers)
- Eternal: बेहतरीन तिमाही नतीजों के दम पर शेयर में 3.51% का बड़ा उछाल आया।
- महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M): 1.82% की मजबूती।
- ट्रेंट (Trent): 0.77% की बढ़त।
- बजाज फिनसर्व: 0.72% चढ़ा।
- कोटक महिंद्रा बैंक: 0.67% की तेजी।
- दबाव वाले प्रमुख शेयर (Top Losers)
अडानी पोर्ट्स: 0.98% की गिरावट। - इन्फोसिस (Infosys): 0.88% टूटा।
- HDFC बैंक: 0.76% नीचे।
- NTPC: 0.71% गिरा।
- भारती एयरटेल: 0.65% की कमजोरी।
ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन और VIX में नरमी
ब्रॉडर मार्केट भी अपने शुरुआती निचले स्तरों से सुधरा, हालांकि वह फिर भी लाल निशान में बना रहा:
- निफ्टी बैंक: 0.49% गिरा।
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज: 0.15% की गिरावट।
- निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट: 0.37% फिसल गया।
बाजार के लिए राहत की बात यह रही कि इंडिया VIX (Volatility Index) 1.24% घटकर 13.13 पर आ गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि शुरुआती सत्र के मुकाबले बाजार में अस्थिरता और डर कम हुआ है।
$96 के पार कच्चा तेल: क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
निचले स्तरों से आई रिकवरी के बावजूद निवेशकों में सतर्कता का माहौल है। पश्चिम एशिया संकट के चलते ब्रेंट क्रूड $96 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे भारत के लिए महंगाई और आयात बिल (Import Bill) बढ़ने की चिंता गहरा गई है।
जिओजित इन्वेस्टमेंट्स (Geojit Investments) के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार:
“लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल टैंकरों को निशाना बनाने और अमेरिका-ईरान संघर्ष बढ़ने से संकट गहरा गया है। जब भी ब्रेंट क्रूड $95 के ऊपर जाता है, तो इसका भारतीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उच्च तेल कीमतों के प्रति भारत की संवेदनशीलता एक बार फिर मैक्रो स्तर पर चिंता बढ़ा रही है।”
हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे वाले बैंकिंग शेयरों में धीरे-धीरे खरीदारी का अच्छा अवसर हो सकती है।
एशियाई बाजारों में हरियाली
भारतीय बाजारों के सुस्त रुख के विपरीत, अधिकांश एशियाई बाजारों में गुरुवार को तेजी का माहौल रहा। अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों अल्फाबेट (Alphabet) और टेस्ला (Tesla) द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश का ऐलान करने से एशियाई सेमीकंडक्टर कंपनियों को जबरदस्त मजबूती मिली:
- दक्षिण कोरिया (Kospi): चिपमेकर शेयरों में आई तेजी से 3% से अधिक उछला।
- जापान (Nikkei): लगभग 1% की बढ़त।
- MSCI एशिया-पैसिफिक (जापान छोड़कर): करीब 1% की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा।