AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में भाजपा को घेरा है। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर वोट मांगने वाले अगर उन्हें आराध्य मानते, तो मंदिर में चोरी जैसा महापाप नहीं करते।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। दिल्ली में आयोजित एक बड़े धार्मिक अनुष्ठान के दौरान केजरीवाल ने कहा कि जो लोग भगवान श्री राम के नाम पर वोट मांगते हैं, अगर वे वास्तव में उन्हें अपना आराध्य मानते, तो उनके नाम पर बने मंदिर में चोरी जैसा घोर पाप कभी नहीं करते।
केजरीवाल ने इस मामले को सीधे आस्था और ईमानदारी से जोड़ते हुए कहा कि भगवान के घर में डाका डालना महापाप है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बड़े दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिसे देश के राम भक्त कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
‘वोट राम के नाम पर, निष्ठा चंदे पर’ — केजरीवाल का तंज
अगर भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगने वाले उन्हें सच में अपना आराध्य मानते, तो उनके नाम से जुड़े मंदिर में चोरी जैसा गंभीर महापाप कभी नहीं करते।#SanatanVirodhiBJP pic.twitter.com/diTIcZ4309
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 13, 2026
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर हुआ यह घोटाला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरी चोट है। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा:
“अगर इनके मन में प्रभु श्री राम के प्रति सच्ची श्रद्धा होती, तो मंदिर की एक-एक पाई का हिसाब पवित्र रखा जाता। लेकिन यहाँ तो भगवान के घर को भी नहीं बख्शा गया। जो लोग इस चोरी में शामिल हैं और जो उन्हें बचा रहे हैं, वे असल में राम विरोधी हैं।”
चंदा चोरों को सजा दिलाने के लिए राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से एक बड़े आंदोलन की शुरुआत की है। अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि राम मंदिर में हुई इस चंदा चोरी के खिलाफ पार्टी पूरे देश में एक हस्ताक्षर अभियान (Signature Campaign) चलाएगी। इसके तहत देश भर के करोड़ों राम भक्तों के दस्तखत कराकर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा जाएगा, जिसमें दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जाएगी।
आप संयोजक ने जनता से अपील की है कि वे अपनी आस्था की रक्षा के लिए इस अभियान से जुड़ें और सत्ता में बैठे लोगों को यह याद दिलाएं कि जनता की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिकरण और उसमें भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।