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अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भाजपा से पाई-पाई का हिसाब मांगा है। आस्था के नाम पर हो रही ‘लूट’ पर केजरीवाल का तीखा प्रहार।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए चंदे में पारदर्शिता की मांग की है। केजरीवाल ने कहा कि भगवान श्री राम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, लेकिन जिस तरह से मंदिर के नाम पर धन उगाही की जा रही है, वह जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है।
‘जनता को चाहिए चंदे का पूरा हिसाब’
भाजपा ने प्रभु श्री राम के नाम पर सत्ता हासिल करी और अब उनके मंदिर को लूट रही हैं।
प्रभु श्री राम करोड़ों लोगों की आस्था हैं। उनके नाम पर जुटाए गए हर रुपये का हिसाब जनता को मिलना चाहिए। pic.twitter.com/0g3bbJelxj
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 29, 2026
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि सत्ता में आने के लिए प्रभु श्री राम के नाम का सहारा लिया गया, लेकिन अब उसी पवित्र नाम के आधार पर बने मंदिर के चंदे में ‘लूट’ की खबरें सामने आ रही हैं। केजरीवाल ने सवाल उठाया, “राम भक्तों ने अपनी मेहनत की कमाई से चंदा दिया है, तो फिर उसका हिसाब सार्वजनिक करने में भाजपा को क्या डर है?” उन्होंने मांग की कि मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए हर एक रुपये का स्पष्ट लेखा-जोखा जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
धर्म की आड़ में राजनीति और भ्रष्टाचार पर निशाना
केजरीवाल ने कहा कि भगवान श्री राम त्याग और मर्यादा का प्रतीक हैं, न कि भ्रष्टाचार और लूट का। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धर्म को अपनी राजनीति का जरिया बना लिया है। उन्होंने आगे कहा कि जब भी देश की जनता सवाल पूछती है, तो उन्हें गुमराह किया जाता है। “दिल्ली की जनता ने जैसे काम की राजनीति को अपनाया है, वैसे ही अब देश को भी ‘ईमानदार राजनीति’ की जरूरत है, जहाँ चंदे के पैसे का दुरुपयोग नहीं बल्कि उसे सेवा में लगाया जाए।”
‘आम आदमी की आस्था का सम्मान हो’
आम आदमी पार्टी का मानना है कि आस्था का नाम लेकर किए जा रहे इन कथित घोटालों से न केवल करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी खतरा है। केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता केवल सरकारी काम में ही नहीं, बल्कि आस्था के केंद्रों से जुड़े वित्तीय मामलों में भी अनिवार्य होनी चाहिए।
भाजपा से तीखे सवाल
- राम मंदिर निर्माण चंदे का कुल कितना पैसा आया?
- अब तक मंदिर के विकास में कुल कितनी राशि खर्च हुई?
- क्या चंदे के नाम पर हुई कथित धांधली की कोई निष्पक्ष जांच होगी?
अरविंद केजरीवाल ने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकार के प्रति जागरूक रहें और धर्म के नाम पर हो रही इस ‘लूट’ के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने एक बार फिर अपनी ‘काम की राजनीति’ का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि हम स्कूलों, अस्पतालों और बिजली-पानी में पारदर्शिता ला सकते हैं, तो राम मंदिर के चंदे में हिसाब क्यों नहीं दिया जा सकता?