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पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर स्टुअर्ट ब्रॉड ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को देख आश्चर्य जताया। जानिए क्यों ब्रॉड को लगता है कि यह युवा खिलाड़ी भारतीय टीम में खेलने के लिए तैयार है।
भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारों में से एक, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दिग्गजों को प्रभावित करने वाले वैभव को अब स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे दिग्गज खिलाड़ी का भी समर्थन मिल गया है। पूर्व इंग्लिश तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने हाल ही में ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट पर बात करते हुए कहा कि वैभव सूर्यवंशी के लिए क्रिकेट खेल बहुत आसान नजर आता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस युवा खिलाड़ी को आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मैच में मौका मिलना चाहिए, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन सकें।
11 गेंदों में अर्धशतक: एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी की चर्चा तब से जोरों पर है जब उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ लिस्ट-ए मैच में केवल 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। ब्रॉड ने इस पारी का जिक्र करते हुए कहा, “11 गेंदें, यह वाकई पागलपन है।” सूर्यवंशी की यह आक्रामक शैली केवल एक मैच तक सीमित नहीं है। इससे पहले इस साल U19 वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 80 गेंदों में 175 रनों की विशाल पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उनका खेल में प्रभुत्व ऐसा है कि विरोधी टीमें उनके क्रीज पर आने से ही घबराने लगी हैं।
ब्रॉड का कबूलनामा: “शायद मैं भी उनसे स्टारस्ट्रक हूँ”
ब्रॉड ने केवल वैभव के खेल की ही नहीं, बल्कि उनके स्वभाव की भी प्रशंसा की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वैभव अब स्लेजिंग भी करने लगे हैं, जो यह दर्शाता है कि उन्हें खेल का दबाव नहीं है, बल्कि वे खेल का आनंद ले रहे हैं। ब्रॉड ने जोस बटलर से बात करते हुए ईमानदारी से स्वीकार किया, “सच कहूँ तो, मुझे लगता है कि मैं उनसे स्टारस्ट्रक (starstruck) हो गया हूँ। यह सिर्फ हाईप (hype) नहीं है, आप खुद देख सकते हैं कि वह मैदान पर क्या कर रहे हैं।” ब्रॉड ने 1 जुलाई को डरहम में होने वाले भारत-इंग्लैंड टी20 मैच का जिक्र करते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से चाहते हैं कि वैभव उस मैच का हिस्सा हों।
श्रीलंका-ए के खिलाफ आतिशी पारी
वैभव सूर्यवंशी का श्रीलंका-ए के खिलाफ हालिया प्रदर्शन उनकी परिपक्वता और निडरता का प्रमाण है। उनकी शुरुआती आतिशी बल्लेबाजी के कारण ही भारत-ए की टीम नौ ओवर के भीतर 132 रनों के विशाल स्कोर तक पहुँच गई थी। हालांकि, उनके आउट होने के बाद मध्यक्रम की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई, लेकिन भारत-ए ने 377/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया और बाद में श्रीलंका-ए को 311 रनों पर समेटकर मैच जीत लिया। वैभव की यह आक्रामक शुरुआत न केवल टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त देती है, बल्कि विरोधी गेंदबाजों के मनोबल को पूरी तरह तोड़ देती है।
एक नए युग का उदय
वैभव का खेल उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है जो निडर होकर क्रिकेट खेलती है। तकनीक के साथ-साथ उनका शारीरिक तालमेल और टाइमिंग ऐसी है कि वे किसी भी पिच पर और किसी भी गेंदबाज के खिलाफ आक्रामक शॉट खेल सकते हैं। ब्रॉड जैसे दिग्गजों द्वारा उनकी इतनी तारीफ करना यह दर्शाता है कि उनकी प्रतिभा केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर छाने के लिए तैयार हैं।
यदि वैभव को आयरलैंड दौरे पर मौका मिलता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। वे न केवल सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ेंगे, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि भारतीय क्रिकेट की नई पौध किस स्तर की तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस 15 वर्षीय खिलाड़ी पर टिकी हैं, जो मैदान पर कदम रखते ही विपक्षी टीमों के होश उड़ा देता है।
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी खूबी उनकी स्थिरता है। वे दबाव की स्थितियों में भी घबराते नहीं हैं। जिस तरह से उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप और फिर इंडिया-ए के लिए प्रदर्शन किया है, वह उनकी निरंतरता को दर्शाता है। स्टुअर्ट ब्रॉड का यह मानना कि “क्रिकेट उनके लिए बहुत आसान है”, एक बहुत बड़ा बयान है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जब वैभव अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उतरेंगे, तो वे गेंदबाजों का सामना कैसे करते हैं। क्या वे अपनी इसी फॉर्म को बरकरार रख पाएंगे? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल चुका है।