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आईपीएल में बड़ा बदलाव! ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी, जबकि कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स से जुड़े। जानें पंत के एलएसजी छोड़ने की पूरी वजह।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के गलियारों से मंगलवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत की उनके पुराने आईपीएल फ्रेंचाइजी, दिल्ली कैपिटल्स (DC) में वापसी हो गई है। आईपीएल द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच एक बड़े खिलाड़ियों के ट्रेड (Trade) पर सहमति बनी है, जिसमें ऋषभ पंत को दिल्ली कैपिटल्स में शामिल किया गया है, जबकि बदले में स्टार स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते नजर आएंगे।
दिल्ली कैपिटल्स का पुराना ‘कैप्टन’ फिर से वापस
ऋषभ पंत के लिए दिल्ली कैपिटल्स में लौटना किसी ‘घर वापसी’ से कम नहीं है। 2016 से 2024 तक के नौ सीजनों में पंत दिल्ली कैपिटल्स की पहचान बन चुके थे। उन्होंने इस फ्रेंचाइजी के लिए कुल 111 मैच खेले, जो कि किसी भी खिलाड़ी द्वारा डीसी के लिए खेले गए सबसे ज्यादा मैच हैं। इतना ही नहीं, 2021 से 2024 के बीच उन्होंने 43 मैचों में टीम की कप्तानी भी की। पिछले आईपीएल मिनी ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया था, जो आईपीएल इतिहास की सबसे महंगी खरीद थी। हालांकि, इस ट्रेड के बाद अब पंत दिल्ली कैपिटल्स में 15 करोड़ रुपये के संशोधित अनुबंध (revised contract) पर खेलते नजर आएंगे।
कुलदीप यादव का नया पड़ाव: एलएसजी को मिली मजबूती
दूसरी ओर, कुलदीप यादव का दिल्ली कैपिटल्स के साथ पांच साल का सफल सफर अब समाप्त हो गया है। 2022 में दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने के बाद, कुलदीप ने अपनी गेंदबाजी से आईपीएल में धूम मचा दी थी। उन्होंने डीसी के लिए 65 मैचों में 72 विकेट झटके और खुद को आईपीएल के सबसे घातक विकेट-टेकिंग गेंदबाजों में शुमार किया। लखनऊ सुपर जायंट्स ने कुलदीप को उनकी मौजूदा फीस 13.5 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है। एलएसजी के लिए कुलदीप का आना एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि टीम को मध्य के ओवरों में विकेट निकालने वाले एक अनुभवी स्पिनर की सख्त जरूरत थी।
एलएसजी में ऋषभ पंत का निराशाजनक सफर
लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने जब पंत को रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा था, तो उनका मानना था कि यह एक दीर्घकालिक निवेश (long-term investment) साबित होगा। हालांकि, जस्टिन लैंगर और टॉम मूडी जैसे दिग्गजों वाली एलएसजी की कोचिंग टीम के मार्गदर्शन में भी पंत का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। एक कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर पंत एलएसजी में पूरी तरह विफल रहे।
एलएसजी का 2025 का सीजन सातवें स्थान पर रहा था, जहाँ उन्होंने 14 में से केवल 6 मैच जीते थे। वहीं, 2026 का आईपीएल सीजन तो एलएसजी के लिए और भी बुरा रहा। पंत की कप्तानी वाली टीम 10 टीमों की तालिका में सबसे नीचे रही, जहाँ उन्होंने 14 मैचों में केवल 4 जीत दर्ज की और 10 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। एक बल्लेबाज के रूप में भी पंत का बल्ला खामोश रहा; 2025 में उन्होंने 14 मैचों में मात्र 269 रन बनाए, जबकि 2026 के हालिया सीजन में भी उनका प्रदर्शन औसत रहा, जहाँ उन्होंने केवल 312 रन बनाए और पूरे सीजन में मात्र एक अर्धशतक उनके बल्ले से निकला।
भविष्य की नई उम्मीदें
इस ट्रेड के बाद अब दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स दोनों ने अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से बदलाव किए हैं। दिल्ली कैपिटल्स जहाँ अपने पुराने भरोसेमंद कप्तान और लीडर को पाकर उत्साहित है, वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपनी टीम की गेंदबाजी लाइनअप को कुलदीप यादव के रूप में एक नई धार दी है। ऋषभ पंत के लिए दिल्ली कैपिटल्स की यह वापसी उनके करियर को पुनर्जीवित (revive) करने का एक बेहतरीन मौका है। क्या पंत फिर से अपने पुराने अंदाज में दिल्ली को खिताबी जीत दिला पाएंगे? यह तो आने वाला आईपीएल सीजन ही तय करेगा, लेकिन फिलहाल यह ट्रेड आईपीएल 2026 के बाद के सबसे बड़े बदलावों में से एक बन गया है।