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मालवीय नगर आगजनी मामले में सौरभ भारद्वाज ने प्रशासन को घेरा। दमकल की गाड़ियाँ देरी से पहुँचीं और पानी भी नहीं था। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाई लोगों की जिंदगी।
दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में लगी भीषण आग के बाद प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना स्थल से मात्र 3 मिनट की दूरी पर स्थित गीतांजलि फायर स्टेशन (पुलिस स्टेशन के पीछे) होने के बावजूद, दमकल की गाड़ियां घटना स्थल पर पहुँचने में एक घंटे से अधिक का समय लगा गईं। इस देरी के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
प्रशासन की लापरवाही: एक घंटे से ज्यादा का इंतज़ार
मालवीय नगर में जहाँ आग लगी, वहाँ से फायर स्टेशन (गीतांजलि, पुलिस थाने के पीछे) सिर्फ 3 मिनट की दूरी पर है। दमकल की गाड़ियाँ सवा से डेढ़ घंटे की देरी से (करीब 9:15 – 9:30 बजे) पहुँचीं।
जो दो गाड़ियाँ पहुँचीं, उनमें से भी एक गाड़ी खाली थी और सिर्फ एक में ही पानी था।
जब भाजपा… pic.twitter.com/x5xTD2k8Gg
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 4, 2026
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मिली जानकारी के अनुसार, आग सुबह लगभग 9:15 से 9:30 बजे के बीच अनियंत्रित हुई, लेकिन दमकल की गाड़ियाँ एक घंटा 15 मिनट से डेढ़ घंटे की देरी के बाद पहुँचीं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जो दो दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, उनमें से एक पूरी तरह खाली थी और केवल एक ही गाड़ी में पानी मौजूद था। इस गंभीर स्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने निभायी ‘मसीहा’ की भूमिका
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जब भाजपा सरकार और प्रशासन का अमला मौके पर कहीं नज़र नहीं आया, तब स्थानीय निवासियों ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। जान बचाने के लिए ऊंची इमारतों और छतों से कूद रहे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर गद्दे बिछाए और घायलों की मदद की। स्थानीय लोगों की इसी तत्परता के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
सौरभ भारद्वाज का भाजपा सरकार पर निशाना
सौरभ भारद्वाज ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार और दिल्ली प्रशासन की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आपदा के समय दमकल विभाग का रिस्पॉन्स टाइम खराब रहा और संसाधन नदारद थे, वह दिल्ली की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।