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शेयर बाजार में आज जबरदस्त रिकवरी! निफ्टी 23,400 के ऊपर बंद। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा। जानिए आज के बाजार का पूरा हाल।
आज, 4 जून को भारतीय घरेलू इक्विटी बाजार ने एक बेहद उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद अपनी शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए एक मजबूत रिकवरी दिखाई है। दिन के मध्य तक, बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सकारात्मक दायरे में लौट आया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) ने मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 23,400 के स्तर को पुनः हासिल कर लिया। यह तेजी व्यापक बाजार, विशेषकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी के कारण देखी गई।
बाजार का हाल और सूचकांकों का प्रदर्शन
दोपहर 12:03 बजे के आसपास, बीएसई सेंसेक्स 84.36 अंकों की बढ़त के साथ 74,430.53 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह, निफ्टी 50 भी 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,430.60 के स्तर पर था। गौर करने वाली बात यह है कि पश्चिमी एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार हो रही बिकवाली के बावजूद, घरेलू निवेशकों का आत्मविश्वास बना हुआ है। घरेलू निवेशक हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करते दिखे, जो बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
ब्रॉड मार्केट का शानदार प्रदर्शन
आज के सत्र की सबसे बड़ी विशेषता ‘ब्रॉड मार्केट’ का बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन करना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक में 0.93 प्रतिशत की उछाल देखी गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी 0.71 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी माइक्रो-कैप 250 सूचकांक 1.19 प्रतिशत की रैली के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में रहा, जो यह दर्शाता है कि निवेशकों का जोखिम उठाने का साहस (Risk Appetite) बना हुआ है। निफ्टी नेक्स्ट 50 ने भी 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ मुख्य निफ्टी सूचकांक से बेहतर प्रदर्शन किया।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों का योगदान
बाजार की रिकवरी में वित्तीय और बैंकिंग शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। निफ्टी बैंक 0.11 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.38 प्रतिशत ऊपर थे। निजी क्षेत्र के ऋणदाताओं में आईसीआईसीआई बैंक शीर्ष पर रहा, जबकि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और कोटक महिंद्रा बैंक ने भी सकारात्मक रुख बनाए रखा। वित्तीय सेवाओं में यह खरीदारी बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के प्रति निवेशकों की रुचि को दर्शाती है।
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं (Consumer Durables) की चमक
क्षेत्रीय रुझानों की बात करें तो उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं (Consumer Durables) का सूचकांक 1.90 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा, मिडस्मॉल हेल्थकेयर, ऑटो और एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र में भी खरीदारी देखी गई। हालांकि, आईटी और मेटल सेक्टर में आज दबाव बना रहा, जहां निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल सूचकांक क्रमशः 0.24 प्रतिशत और 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते देखे गए।
वोलैटिलिटी और वैश्विक संकेत
इंडिया VIX, जो बाजार में अस्थिरता का मापक है, 0.50 प्रतिशत घटकर 16.20 पर आ गया। अस्थिरता सूचकांक में यह गिरावट बताती है कि निवेशक अभी किसी बड़े बाजार व्यवधान की आशंका नहीं जता रहे हैं। दूसरी ओर, वैश्विक बाजारों में मिली-जुली स्थिति है। एशियाई बाजारों जैसे निक्केई 225 और हैंग सेंग में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 96.92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।
विशेषज्ञों की राय
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालविया का मानना है कि घरेलू बाजारों के लिए कच्चे तेल की कीमतें सबसे महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु (Monitorable) हैं। उन्होंने कहा, “कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती मुद्रास्फीति की उम्मीदों और भारत के आयात बिल पर दबाव डाल सकती है।” पालविया ने आगे कहा कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक मोर्चे या घरेलू आर्थिक मोर्चे से कोई ठोस सकारात्मक घोषणा नहीं होती, तब तक बाजार की चाल ‘रेंज-बाउंड’ (सीमित दायरे में) और चुनिंदा शेयरों तक ही सीमित रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, आज का बाजार सत्र यह साबित करता है कि घरेलू निवेशक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भी लंबी अवधि के नजरिए से बाजार में बने रहने का साहस दिखा रहे हैं। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की अस्थिरता के बीच केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान केंद्रित करें।